SIR Update: फर्जी वंशावली से वोटर बनना पड़ेगा महंगा, Section 31 के तहत जुर्माना-जेल दोनों हो सकती है सजा

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SIR Update: फर्जी वंशावली से वोटर बनना पड़ेगा महंगा, Section 31 के तहत जुर्माना-जेल दोनों हो सकती है सजा

SIR Update: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान फर्जी दस्तावेजों और गलत वंशावली के आधार पर मतदाता बनने की कोशिश करने वालों पर अब सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई की जाएगी .


Section 31: क्या है सजा का प्रावधान?

SIR Update के अनुसार, लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण या सुधार के सिलसिले में जानबूझकर झूठा बयान या घोषणा करता है, तो वह अपराधी माना जाएगा .

SIR Update के तहत इस अपराध की सजा का प्रावधान इस प्रकार है:

  • एक साल तक की कैद 
  • जुर्माना 
  • कैद और जुर्माना दोनों 

SIR Update: फर्जीवाड़े के क्या-क्या मामले आए सामने?

SIR Update के अनुसार, झारखंड में SIR के दौरान कई तरह के फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं:

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र – पश्चिम बंगाल के बारानगर में एक व्यक्ति ने ऐसा जन्म प्रमाण पत्र जमा किया, जो जन्म तिथि से दो दिन पहले जारी किया गया था। चूंकि जन्म से पहले प्रमाण पत्र जारी होना असंभव है, इसलिए चुनाव आयोग ने इसे फर्जी माना और धारा 31 के तहत कार्रवाई की .

फर्जी वंशावली – SIR Update के अनुसार, कुछ लोग दूसरे परिवार की वंशावली में अपना नाम जोड़कर खुद को उस परिवार का वंशज बताते हैं और इसके आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश करते हैं।

गलत पते की जानकारी – उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक महिला ने अपने विदेश में रह रहे बेटों के लिए झूठी जानकारी भरी। जांच में पता चला कि बेटे वहां नहीं रहते थे, जिसके बाद धारा 31 के तहत FIR दर्ज की गई .

फर्जी वेबसाइट के जरिए दस्तावेज – SIR Update के अनुसार, पाकुड़ जिले में एक फर्जी वेबसाइट के जरिए जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनाए जाने का मामला भी सामने आया है .

SIR Update: चुनाव आयोग ने क्या कहा?

SIR Update के अनुसार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि:

  1. SIR के दौरान जमा होने वाले सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जाए .
  2. यदि किसी दस्तावेज में फर्जीवाड़ा पाया जाता है, तो तुरंत धारा 31 के तहत कार्रवाई की जाए .
  3. लोगों को मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए जागरूक किया जाए कि SIR के लिए फर्जी दस्तावेज न बनवाएं .

SIR Update: अगर आपको नोटिस मिले तो क्या करें?

SIR Update के अनुसार, अगर आपको SIR के दौरान नोटिस मिलता है, तो:

  1. नोटिस को नजरअंदाज न करें
  2. मांगे गए सभी दस्तावेज जमा करें
  3. सुनवाई के लिए निर्धारित तारीख पर उपस्थित हों
  4. अगर आपके रिकॉर्ड में कोई त्रुटि है, तो उसे सुधारने के लिए फॉर्म-8 जमा करें
  5. यदि आपका नाम ड्राफ्ट सूची से हट गया है, तो फॉर्म-6 के जरिए पुनः आवेदन करें

SIR Update के अनुसार, नोटिस मिलने के 7 दिन के भीतर दस्तावेज जमा करने होते हैं। यदि पहले 7 दिन में दस्तावेज नहीं जमा होते हैं, तो BLO दोबारा नोटिस देकर अतिरिक्त 7 दिन का समय देता है.


SIR Update साफ करता है कि फर्जी दस्तावेजों या गलत वंशावली के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कोशिश करना अब आसान नहीं होगा। चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ धारा 31 के तहत 1 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है . SIR के दौरान मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना ही मुख्य उद्देश्य है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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