Digital Signature: 1 सितंबर से झारखंड में सरकारी भुगतान पेपरलेस, वेतन-TA समेत सभी बिलों पर ई-साइन अनिवार्य

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Digital Signature: 1 सितंबर से झारखंड में सरकारी भुगतान पेपरलेस, वेतन-TA समेत सभी बिलों पर ई-साइन अनिवार्य

झारखंड सरकार ने 1 सितंबर 2026 से सरकारी भुगतान की पूरी व्यवस्था को डिजिटल बनाने का बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में सभी प्रकार के बिलों का भुगतान Digital Signature या ई-साइन के जरिए ही किया जाएगा। वेतन, पेंशन, यात्रा भत्ता (TA), हाउस बिल्डिंग एडवांस और मोटर कार एडवांस समेत सभी भुगतानों के लिए Digital Signature अनिवार्य हो गया है। वित्त विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा ने इस संबंध में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को निर्देश जारी कर दिया है .

इस फैसले के साथ ही कागजी हस्ताक्षर वाली परंपरागत प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और वित्तीय कामकाज पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा .


Digital Signature क्या है और क्यों जरूरी है?

Digital Signature एक क्रिप्टोग्राफिक तकनीक है, जो पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को सुरक्षित और प्रमाणित करती है। Digital Signature यह सुनिश्चित करता है कि दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति की पहचान वैध है और हस्ताक्षर के बाद दस्तावेज में कोई बदलाव नहीं किया गया है .

Indian IT Act, 2000 के तहत Digital Signature को कानूनी मान्यता प्राप्त है। भारत में Digital Signature Certificate (DSC) एक लाइसेंस प्राप्त प्रमाणन प्राधिकरण (Certifying Authority) द्वारा जारी किया जाता है। सरकारी भुगतानों के लिए क्लास 3 डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) की आवश्यकता होती है, जो सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है .

भारतीय IT Act, 2000 की धारा 5 के अनुसार, जहां किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है, वहां Digital Signature कानूनी रूप से मान्य है .

झारखंड सरकार का Digital Signature अनिवार्य करने का फैसला

झारखंड सरकार के इस फैसले के तहत IFMS (एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) के ई-वाउचर सिस्टम का दायरा बढ़ाया जा रहा है। Digital Signature का उपयोग निम्नलिखित सरकारी भुगतानों के लिए अनिवार्य होगा :

  • मासिक वेतन बिल
  • आकस्मिक व्यय बिल
  • यात्रा भत्ता (TA)
  • हाउस बिल्डिंग एडवांस
  • मोटर कार एडवांस
  • पेंशन भुगतान (ई-पेंशन पोर्टल के माध्यम से)

IFMS ई-वाउचर सिस्टम

IFMS के तहत ई-वाउचर प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। सभी DDO अब IFMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ई-वाउचर तैयार करेंगे। Digital Signature या ई-साइन के जरिए वाउचर की मंजूरी दी जाएगी। इससे वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान प्रक्रिया तेज होगी .

मेकर-चेकर व्यवस्था

नई Digital Signature व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी विभागों में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नामित किए जाएंगे। Digital Signature Certificate (DSC) से जुड़े काम के लिए विभागीय स्तर पर ‘मेकर’ और ‘चेकर’ की भी नियुक्ति की जाएगी। संबंधित अधिकारियों की जानकारी वित्त विभाग को उपलब्ध करानी होगी .

झारखंड में सरकारी भुगतान का आकार

झारखंड सरकार हर महीने औसतन करीब ₹3,205 करोड़ का भुगतान विभिन्न मदों में करती है, जो सालाना लगभग ₹38,456 करोड़ बैठता है :

  • वेतन: हर महीने ₹1,800 से ₹2,000 करोड़ (कुल राजस्व का 16%)
  • पेंशन: हर महीने ₹800 से ₹900 करोड़ (कुल राजस्व का 7%)
  • अन्य व्यय: हर महीने ₹500 से ₹600 करोड़

इतनी बड़ी राशि का Digital Signature के जरिए भुगतान किए जाने से पारदर्शिता बढ़ेगी और कागजी कार्रवाई कम होगी।

Digital Signature के सुरक्षा लाभ

Digital Signature तकनीकी रूप से बेहद सुरक्षित है। इसके पीछे मजबूत क्रिप्टोग्राफी (जैसे RSA और ECC) काम करती है, जिसे मौजूदा कंप्यूटिंग क्षमता से तोड़ा नहीं जा सकता। Digital Signature की प्राइवेट की केवल हस्ताक्षरकर्ता के पास होती है, जो एक USB टोकन पर सुरक्षित रखी जाती है .

भारत में Digital Signature Certificate जारी करने से पहले प्रमाणन प्राधिकरण (CA) आवेदक की पहचान की पुष्टि करता है। इस प्रक्रिया में सरकारी दस्तावेजों की जांच और कुछ मामलों में वीडियो सत्यापन शामिल है .

Digital Signature टाइमस्टैम्प के साथ आता है, जो यह साबित करता है कि हस्ताक्षर किस समय किए गए थे .

Digital Signature कैसे प्राप्त करें?

Digital Signature Certificate (DSC) प्राप्त करने के लिए :

  1. CCA (Controller of Certifying Authorities) द्वारा लाइसेंस प्राप्त प्रमाणन प्राधिकरण (जैसे e-Mudhra, Protean, CDSL Ventures, CSC) से संपर्क करें।
  2. PAN, Aadhaar और KYC विवरण जमा करें।
  3. वीडियो या शारीरिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
  4. DSC 1 से 3 साल के लिए वैध होता है और इसकी लागत लगभग ₹1,000 से ₹3,000 के बीच होती है।
  5. यह USB टोकन पर सुरक्षित रखा जाता है, जो केवल पिन कोड के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है .

1 सितंबर से क्या बदलेगा?

1 सितंबर 2026 से :

  • सरकारी बिलों का भुगतान Digital Signature या ई-साइन से ही होगा।
  • कागजी हस्ताक्षर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • सभी भुगतान IFMS ई-वाउचर सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन प्रोसेस होंगे।
  • पेंशन भुगतान ई-पेंशन पोर्टल पर Digital Signature से होगा।
  • वित्तीय कामकाज पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा।

झारखंड सरकार का Digital Signature को अनिवार्य करने का निर्णय वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। 1 सितंबर से वेतन, पेंशन, TA और अन्य सरकारी भुगतानों के लिए Digital Signature जरूरी हो जाएगा। यह व्यवस्था न केवल कागजी कार्रवाई को खत्म करेगी, बल्कि भुगतान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी भी बनाएगी। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को Digital Signature Certificate जल्द से जल्द प्राप्त कर लेना चाहिए ताकि नई व्यवस्था में कोई बाधा न आए .

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