रांची सदर अस्पताल में तेज होगी कैंसर जांच, लगेगी ऑटो प्रोसेसर मशीन; करीब दो घंटे में मिल सकेगी रिपोर्ट
हिस्टोपैथोलॉजी जांच को बेहतर बनाने के लिए करीब 40 लाख रुपये का बजट तैयार, मशीन लगने से मैन्युअल प्रक्रिया में लगने वाला समय होगा कम

रांची: राजधानी के सदर अस्पताल में कैंसर जांच की सुविधा को और मजबूत करने की तैयारी है। अस्पताल प्रबंधन हिस्टोपैथोलॉजी जांच की प्रक्रिया को तेज और बेहतर बनाने के लिए ऑटो प्रोसेसर मशीन खरीदने की योजना पर काम कर रहा है।
मशीन की खरीद के लिए करीब 40 लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है। बजट को मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया के जरिए मशीन खरीदी जाएगी। नई सुविधा शुरू होने से कैंसर की जांच कराने वाले मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दो घंटे में रिपोर्ट देने की तैयारी
फिलहाल हिस्टोपैथोलॉजी जांच की कुछ प्रक्रियाएं मैन्युअल तरीके से की जाती हैं। इस वजह से जांच पूरी होने में करीब चार घंटे तक का समय लग सकता है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, ऑटो प्रोसेसर मशीन स्थापित होने के बाद इस प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और करीब दो घंटे में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। रिपोर्ट जल्दी मिलने से मरीज समय पर डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे और जरूरत के अनुसार आगे के इलाज की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जा सकेगी।
कैंसर की पहचान और इलाज तय करने में अहम है हिस्टोपैथोलॉजी
हिस्टोपैथोलॉजी जांच में मरीज के शरीर से लिए गए टिश्यू के नमूने का विश्लेषण किया जाता है। इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि संबंधित कोशिकाओं में कैंसर से जुड़े बदलाव हैं या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर बीमारी के प्रकार और उसकी स्थिति का आकलन करते हैं। इसके बाद मरीज के लिए आगे की जांच और उपचार की योजना तय की जाती है।
मैन्युअल प्रक्रिया पर निर्भरता होगी कम
नई ऑटो प्रोसेसर मशीन लगने के बाद टिश्यू प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा स्वचालित हो जाएगा। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आने के साथ-साथ लैब के कामकाज को भी अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि इससे मरीजों के इंतजार का समय घटेगा और कैंसर जांच से जुड़ी सेवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी।
बजट मंजूरी के बाद शुरू होगी खरीद प्रक्रिया
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह के अनुसार कैंसर जांच के लिए ऑटो प्रोसेसर मशीन खरीदने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी जांच की कुछ प्रक्रियाएं मैन्युअल होने के कारण ज्यादा समय लगता है। नई मशीन स्थापित होने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों को करीब दो घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।





