
झारखंड बनेगा मेडिकल-हेल्थ टेक्नोलॉजी का हब, 32 देशों की तकनीक देखकर मंत्री इरफान अंसारी ने बनाई बड़ी योजना
दिल्ली के भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रदर्शनी का दौरा, AI, रोबोटिक्स, आधुनिक MRI-CT और कैंसर की दवाओं पर हुई चर्चा

रांची: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सरकार अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड को मेडिकल और हेल्थ टेक्नोलॉजी का हब बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में उन्होंने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रदर्शनी का दौरा किया और 32 देशों की आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों को करीब से समझा।
32 देशों की तकनीक को समझा
मंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में अलग-अलग देशों की ओर से पेश की गई अत्याधुनिक मेडिकल तकनीकों को देखने और समझने का मौका मिला।
इस दौरान उन्होंने कई देशों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मुलाकात कर झारखंड में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने की संभावनाओं पर बातचीत की। सरकार का फोकस ऐसी तकनीकों को राज्य तक लाने पर है, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।
AI और रोबोटिक्स पर खास जोर
प्रदर्शनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक टेक्नोलॉजी, आधुनिक MRI और CT स्कैन सिस्टम समेत कई नई तकनीकों को लेकर चर्चा हुई। इसके साथ ही नई दवाओं और खासकर कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता और तकनीक पर भी बातचीत की गई।
मंत्री का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से गंभीर बीमारियों की पहचान पहले हो सकेगी और मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
ओमान और जर्मनी से सहयोग की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झारखंड स्वास्थ्य क्षेत्र में ओमान और जर्मनी के साथ संभावित सहयोग की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। इन देशों के साथ साझेदारी होने पर नई मेडिकल तकनीक, उपचार के आधुनिक तरीकों और विशेषज्ञता को झारखंड तक लाने की संभावना बढ़ेगी।
इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
लोगों की सेहत को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक और प्रभावी दवाओं के जरिए मरीजों की जान बचाने और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर सरकार का विशेष ध्यान है।
उन्होंने कहा कि उनके काम को लेकर आलोचना हो सकती है, लेकिन उनकी प्राथमिकता झारखंड के लोगों की सेहत और उनका कल्याण है।





