
झारखंड में H1N1 को लेकर अलर्ट, 5 जिलों के सैंपल की जांच अब धनबाद में; जल्द आएगी रिपोर्ट
बोकारो, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा समेत धनबाद के संदिग्ध मरीजों के नमूने SNMMCH भेजे जाएंगे, छह मेडिकल कॉलेजों को मिली जिलावार जिम्मेदारी

धनबाद: झारखंड में H1N1 के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान और समय पर इलाज शुरू करने के लिए अब अलग-अलग जिलों से लिए जाने वाले सैंपल की जांच तय मेडिकल कॉलेजों में कराई जाएगी।
इसी व्यवस्था के तहत शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH), धनबाद को पांच जिलों के H1N1 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की RT-PCR जांच की जिम्मेदारी दी गई है। अब धनबाद के साथ बोकारो, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा से लिए गए सैंपल भी जांच के लिए SNMMCH भेजे जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों और सिविल सर्जनों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है।
निर्देश के मुताबिक संबंधित जिलों से H1N1 के संदिग्ध मामलों के सैंपल निर्धारित मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाए जाएंगे और वहां RT-PCR जांच कराई जाएगी। इसका मकसद जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराना है।
SNMMCH में जांच सुविधा लगातार रहेगी चालू
धनबाद प्रमंडल के पांच जिलों के सैंपल की जांच का जिम्मा मिलने के बाद SNMMCH में जांच व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है।
अस्पताल प्रबंधन को पर्याप्त टेस्ट किट, रिएजेंट, तकनीकी स्टाफ और जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि सैंपल की जांच में किसी तरह की रुकावट न आए।
इस व्यवस्था से संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट के लिए दूसरे जांच केंद्रों पर निर्भरता कम होगी और जांच का समय भी घटने की उम्मीद है।
सैंपल भेजने में देरी नहीं करने का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को सैंपल कलेक्शन और उन्हें मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि सैंपल लेने के बाद उसे जांच केंद्र तक पहुंचाने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट संबंधित जिले को भेजी जाएगी, जिससे डॉक्टरों को मरीज के आगे के इलाज को लेकर समय पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
किस जिले का सैंपल कहां जांचा जाएगा?
राज्य के छह सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों को अलग-अलग जिलों के H1N1 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
- RIMS, रांची: रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और रामगढ़
- मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज, पलामू: पलामू, गढ़वा और लातेहार
- फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज, दुमका: दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज
- शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग: हजारीबाग, कोडरमा और चतरा
- MGM मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां
- SNMMCH, धनबाद: धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा
पूरी व्यवस्था की निगरानी निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं और निदेशक चिकित्सा शिक्षा करेंगे। इन्हें यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि मेडिकल कॉलेजों में पहुंचने वाले सैंपल की जांच तय समय के भीतर पूरी हो।
H1N1 के इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
H1N1, इन्फ्लुएंजा A वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और ज्यादा थकान शामिल हो सकते हैं।
कुछ मामलों में बच्चों को उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है। हालांकि, हर संक्रमित व्यक्ति में बुखार होना जरूरी नहीं है।
संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करना और बीमार होने पर दूसरे लोगों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
अगर H1N1 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क कर जांच और उपचार की सलाह लेना बेहतर है।





