मौसम केंद्र रांची को मिला ‘श्रेष्ठ कार्यालय पुरस्कार’, ‘झारखंड मौसम दर्पण’ के दूसरे अंक का हुआ विमोचन

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हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए नराकास ने किया सम्मानित, मुख्य आयकर आयुक्त राधेश्याम ने किया गृह पत्रिका के द्वितीय अंक का विमोचन

रांची: मौसम केंद्र रांची ने हिंदी भाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। मौसम केंद्र रांची को हिंदी में बेहतरीन और प्रभावी कार्य करने के लिए ‘श्रेष्ठ कार्यालय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान रांची में आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति यानी नराकास की बैठक के दौरान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मौसम केंद्र रांची के कार्यालय को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। हिंदी के राजभाषा के रूप में प्रभावी उपयोग और कार्यालयी कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया गया है।

‘झारखंड मौसम दर्पण’ के दूसरे अंक का विमोचन

सम्मान समारोह के दौरान मौसम केंद्र रांची की हिंदी गृह पत्रिका ‘झारखंड मौसम दर्पण’ के द्वितीय अंक का भी विमोचन किया गया। 2 सितंबर 2026, बुधवार को आयोजित नराकास की 31वीं छमाही बैठक के दौरान मुख्य आयकर आयुक्त राधेश्याम जी ने पत्रिका के दूसरे अंक का विमोचन किया।

‘झारखंड मौसम दर्पण’ का यह अंक मौसम विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को हिंदी भाषा में प्रस्तुत करने के साथ-साथ राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को भी बढ़ावा देता है। पत्रिका के माध्यम से मौसम विज्ञान और आम लोगों से जुड़े मौसम संबंधी विषयों को सरल और उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

पहला अंक भी हासिल कर चुका है कई सम्मान

मौसम केंद्र रांची की गृह पत्रिका ‘झारखंड मौसम दर्पण’ का पहला अंक भी पहले ही अपनी पहचान बना चुका है। मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD की 150 वर्षों की सफल सेवा के उपलक्ष्य में 16 दिसंबर 2024 को आयोजित कार्यशाला के दौरान पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन झारखंड के तत्कालीन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा किया गया था। पहले अंक को इसके बाद राजभाषा और पत्रिका प्रकाशन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित सम्मान भी प्राप्त हुए।

राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मिला सम्मान

‘झारखंड मौसम दर्पण’ के प्रथम संस्करण को अब तक दो महत्वपूर्ण पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें पहला सम्मान 20 फरवरी 2026 को अगरतला में आयोजित संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन में वर्ष 2024-25 का द्वितीय पुरस्कार है। वहीं, दूसरा सम्मान 17 फरवरी 2026 को आयोजित नराकास की 30वीं बैठक में मिला, जहां ‘झारखंड मौसम दर्पण’ को उत्कृष्ट पत्रिका का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

हिंदी और मौसम विज्ञान का अनूठा संगम

‘झारखंड मौसम दर्पण’ केवल एक गृह पत्रिका नहीं है, बल्कि यह मौसम विज्ञान से जुड़ी जानकारी को हिंदी के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने का भी एक प्रयास है। मौसम केंद्र रांची को ‘श्रेष्ठ कार्यालय पुरस्कार’ मिलना और इसी दौरान पत्रिका के दूसरे अंक का विमोचन होना, कार्यालय की राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता और लगातार किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। मौसम केंद्र रांची की इस उपलब्धि को हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ मौसम विज्ञान की जानकारी को सरल भाषा में उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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