झारखंड में फर्जी राशन कार्ड पर सरकार का शिकंजा, खुद नाम हटवाएं वरना हो सकती है वसूली

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रांची-जमशेदपुर में हजारों लाभुकों को नोटिस, 6 लाख से ज्यादा सालाना आय वालों की हो रही जांच; नियम तोड़ने पर जुर्माने के साथ कार्रवाई की तैयारी

रांची: झारखंड में ऐसे राशन कार्ड धारकों पर अब कार्रवाई की तैयारी है, जो पात्रता नहीं होने के बावजूद सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। विभाग ने ऐसे लाभुकों की पहचान के बाद अब उन्हें खुद आगे आकर अपना नाम राशन कार्ड से हटवाने का मौका दिया है।

दरअसल, ऐसे कई लोगों की पहचान की गई है जिनकी वास्तविक आमदनी तय सीमा से ज्यादा है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने राशन कार्ड बनवाकर सरकारी खाद्यान्न का लाभ लिया। केंद्र सरकार की ओर से ऐसे लाभुकों की सूची उपलब्ध कराए जाने के बाद राज्य में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रांची और जमशेदपुर में शुरू हुई जांच

रांची और जमशेदपुर में जिला प्रशासन की मदद से ऐसे लाभुकों को चिन्हित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, रांची में करीब 36,636 और जमशेदपुर में 20,100 लाभुक जांच के दायरे में हैं। इनमें खास तौर पर ऐसे लोगों की जांच की जा रही है जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक है। अब तक दोनों जिलों में बड़ी संख्या में लाभुकों को नोटिस जारी किया जा चुका है।

पहले खुद नाम हटाने का मौका

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, सरकार फिलहाल लोगों से अपील कर रही है कि अगर वे राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं तो स्वेच्छा से अपना नाम हटवा लें। लेकिन अगर तय प्रक्रिया के बावजूद लोग अपना नाम नहीं हटवाते हैं और जांच में अपात्र पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

राशन के नुकसान की भरपाई पर भी विचार

सरकार की ओर से सिर्फ कार्ड रद्द करने तक मामला सीमित नहीं रहने वाला है। अपात्र लाभुकों को मिले खाद्यान्न से सरकारी खजाने को हुए नुकसान की रिकवरी पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसे में संबंधित लाभुकों से जुर्माना या राशन के बदले हुए सरकारी नुकसान की भरपाई कराई जा सकती है। हालांकि, कुछ लाभुकों ने कार्रवाई से पहले ही स्वेच्छा से जुर्माना जमा करना शुरू कर दिया है।

रांची के हर वार्ड में सामने आ रहे मामले

राजधानी रांची के शहरी इलाकों में ऐसे लाभुकों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा बताई जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार शहर के लगभग हर वार्ड में अपात्र लाभुकों की पहचान हुई है। कुछ मामलों में लोगों ने राशन लेने के बजाय दूसरे सरकारी लाभ, जैसे आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड का इस्तेमाल किया है। ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है।

वार्ड 31 में बड़ी संख्या में नोटिस

रांची के वार्ड नंबर 31 में भी बड़ी संख्या में लाभुक जांच के दायरे में आए हैं। यहां कई ऐसे नाम सामने आए हैं जिनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए राशन कार्ड की पात्रता पर सवाल उठे हैं। कुछ राशन कार्डों में एक ही कार्ड नंबर के साथ परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों के नाम दर्ज होने की बात भी सामने आई है। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।

अब जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल प्रशासन की ओर से संबंधित लाभुकों को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है। इसके बाद दस्तावेज और आय से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। यानी झारखंड में सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर सरकार अब पात्रता की दोबारा जांच कर रही है। अपात्र पाए जाने वालों के लिए राहत का रास्ता खुद नाम हटवाने तक सीमित हो सकता है, जबकि नियमों की अनदेखी करने पर कार्ड रद्द होने के साथ आर्थिक वसूली की कार्रवाई भी हो सकती है।

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