Pahari Mandir में अंतिम सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 1000 पुलिसकर्मियों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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Pahari Mandir में अंतिम सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 1000 पुलिसकर्मियों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सावन की अंतिम सोमवारी पर राजधानी रांची के प्रसिद्ध Pahari Mandir में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। 24 अगस्त 2026 को तड़के 3:30 बजे Pahari Mandir के कपाट खुलते ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा Pahari Mandir परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय हो गया 

रांची शहर के मध्य में 2140 फीट की ऊंचाई पर स्थित Pahari Mandir में 468 सीढ़ियां चढ़कर भक्त भगवान शिव के दर्शन करते हैं । सावन के महीने में Pahari Mandir पर विशेष रूप से भारी भीड़ जुटती है और इस बार अंतिम सोमवारी पर भक्तों की संख्या और भी अधिक रही 


विषय सूची

  1. Pahari Mandir में अंतिम सोमवारी: 3:30 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक
  2. 1000 जवानों की तैनाती: Pahari Mandir में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
  3. Pahari Mandir में सादे लिबास में पुलिस और सीसीटीवी से निगरानी
  4. Pahari Mandir के आसपास यातायात और अन्य व्यवस्थाएं

1. Pahari Mandir में अंतिम सोमवारी: 3:30 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक

Pahari Mandir में सावन की अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालु सुबह तड़के से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। Pahari Mandir के पुजारियों ने रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ विशेष अनुष्ठान किए । सावन की सोमवारी को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है और अंतिम सोमवारी पर Pahari Mandir में भक्तों की संख्या एक लाख से अधिक रहने की संभावना थी 

Pahari Mandir का ऐतिहासिक महत्व भी इसे खास बनाता है। स्वतंत्रता से पहले Pahari Mandir की यह पहाड़ी अंग्रेजों के कब्जे में थी और यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी। स्वतंत्रता के बाद Pahari Mandir पर पहली बार तिरंगा फहराया गया और यह देश का पहला मंदिर है जहां राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जाता है 

2. 1000 जवानों की तैनाती: Pahari Mandir में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Pahari Mandir में अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। Pahari Mandir परिसर और आसपास के इलाकों में करीब 1000 अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई । इस सावन के दौरान हर सोमवारी को Pahari Mandir पर 125 पुलिसकर्मी तैनात रहे, जबकि रविवार और सोमवार को भीड़ अधिक होने पर 200 अतिरिक्त जवानों की व्यवस्था की गई थी 

Pahari Mandir के मुख्य प्रवेश द्वार, निकास द्वार और गर्भगृह सहित संवेदनशील स्थानों पर तीन पालियों में पुलिसकर्मी तैनात रहे । Pahari Mandir में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए एक क्विक रिएक्शन टीम भी तैयार रखी गई, जो आपात स्थिति से निपटने के लिए वज्र वाहन, वॉटर कैनन, आंसू गैस और अग्निशमन उपकरणों से लैस थी 

3. Pahari Mandir में सादे लिबास में पुलिस और सीसीटीवी से निगरानी

Pahari Mandir में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए। इन जवानों ने Pahari Mandir में श्रद्धालुओं के बीच रहकर पॉकेटमारी, छेड़खानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी । Pahari Mandir परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ की लगातार निगरानी की गई 

Pahari Mandir पर महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई । Pahari Mandir पर भीड़ अधिक होने पर भी श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए बैरिकेडिंग और व्यवस्थित दर्शन की योजना बनाई गई थी 

4. Pahari Mandir के आसपास यातायात और अन्य व्यवस्थाएं

Pahari Mandir की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया था। Pahari Mandir के आसपास शनि मंदिर चौक, रातू रोड चौक समेत प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई । Pahari Mandir पर भीड़ और ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई 

Pahari Mandir में जलाभिषेक के लिए विशेष अरघा की व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकें । Pahari Mandir परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्ट्रेचर, दवाइयों के साथ मेडिकल टीम और चलंत शौचालयों की भी व्यवस्था की गई थी 

Pahari Mandir में अंतिम सोमवारी का आयोजन आस्था और प्रशासन के बेहतर समन्वय का उदाहरण बना। Pahari Mandir में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। Pahari Mandir प्रबंधन और जिला प्रशासन ने मिलकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम तरीके से भगवान भोलेनाथ का दर्शन और जलार्पण कराने में सफलता पाई 

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