Jharkhand Cabinet: परीक्षा रद्द करने पर हाईकोर्ट की रोक के बाद कैबिनेट में आज मंथन, JPSC में खाली पदों पर भी फैसला संभव
Jharkhand Cabinet की मंगलवार को होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। Jharkhand Cabinet में हाईकोर्ट के उस आदेश पर चर्चा हो सकती है, जिसमें सरकार के चार प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई गई है। Jharkhand Cabinet की इस बैठक में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पर भी फैसला होने की संभावना है ।
विषय सूची
- Jharkhand Cabinet: हाईकोर्ट ने किन परीक्षाओं पर लगाई रोक
- Jharkhand Cabinet में क्यों अहम है आज की बैठक
- Jharkhand Cabinet में JPSC के खाली पदों पर फैसला संभव
- Jharkhand Cabinet: रद्द परीक्षाओं से नियुक्त अधिकारियों पर क्या असर
1. Jharkhand Cabinet: हाईकोर्ट ने किन परीक्षाओं पर लगाई रोक
Jharkhand Cabinet के फैसले को हाईकोर्ट ने चुनौती दी है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के चार प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है । Jharkhand Cabinet के इस आदेश से प्रभावित परीक्षाओं में शामिल हैं:
- JSSC की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (CGL)
- JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा
- CDPO नियुक्ति परीक्षा
- खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा
Jharkhand Cabinet ने पहले एक विशेष बैठक में कुल 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था । हाईकोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को JPSC 11वीं-13वीं और खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती को रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगा दी थी । इसके अगले दिन ही कोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षाओं के रद्दीकरण पर भी रोक लगा दी ।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सरकार और JPSC से 7 सितंबर 2026 तक जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को तय की गई है ।
2. Jharkhand Cabinet में क्यों अहम है आज की बैठक
Jharkhand Cabinet की आज की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार की आगे की रणनीति पर विचार किया जाना संभव है। Jharkhand Cabinet को अदालत में अपना पक्ष रखना है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया तय करना जरूरी हो गया है।
Jharkhand Cabinet का यह फैसला उन 22 परीक्षाओं से जुड़ा है, जिन्हें सरकार ने छात्रों के 25 दिनों के आंदोलन के बाद रद्द कर दिया था । Jharkhand Cabinet ने यह कदम 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के बाद उठाया था ।
हालांकि, Jharkhand Cabinet के इस फैसले ने छात्रों को तो राहत दी, लेकिन चयनित उम्मीदवारों के लिए नई मुश्किलें पैदा कर दीं। Jharkhand Cabinet के आदेश से पहले से नियुक्त अधिकारियों की नौकरियां खतरे में आ गई थीं, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया ।
3. Jharkhand Cabinet में JPSC के खाली पदों पर फैसला संभव
Jharkhand Cabinet की आज की बैठक में JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पर भी फैसला होने की उम्मीद है । JPSC में अध्यक्ष एल खियांग्ते के 21 जुलाई 2026 को इस्तीफा देने के बाद यह पद खाली है । उनके साथ सदस्य अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने भी इस्तीफा दे दिया है ।
Jharkhand Cabinet के इस रिक्त पद पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि हाईकोर्ट ने पहले ही कहा है कि JPSC अध्यक्ष का पद संवैधानिक पद है और इसे लंबे समय तक खाली नहीं छोड़ा जा सकता । कोर्ट ने यह भी कहा कि अध्यक्ष के अभाव में आयोग के प्रशासनिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं ।
Jharkhand Cabinet पर यह दबाव है कि वह जल्द से जल्द नए अध्यक्ष की नियुक्ति करे। हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल को निर्देश दिया था कि वे सरकार से इस संबंध में विशेष निर्देश लें और अध्यक्ष की नियुक्ति की समयसीमा के बारे में कोर्ट को बताएं ।
4. Jharkhand Cabinet: रद्द परीक्षाओं से नियुक्त अधिकारियों पर क्या असर
Jharkhand Cabinet के परीक्षा रद्द करने के आदेश और हाईकोर्ट की रोक के बीच एक जटिल स्थिति बन गई है। Jharkhand Cabinet के आदेश के बाद भी संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने की अधिसूचना संबंधित विभागों की ओर से जारी नहीं हुई है।
Jharkhand Cabinet के इस फैसले के बाद इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी फिलहाल अपने पद पर काम कर सकते हैं । Jharkhand Cabinet के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित व्यक्ति अपना काम जारी रखें ।
Jharkhand Cabinet के इस मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी । Jharkhand Cabinet को इससे पहले अपनी रणनीति तय करनी होगी।
Jharkhand Cabinet की आज की बैठक कई मायनों में अहम है। Jharkhand Cabinet को हाईकोर्ट की रोक के बाद परीक्षा रद्दीकरण के मामले पर नई रणनीति बनानी होगी। साथ ही Jharkhand Cabinet को JPSC में खाली पड़े अध्यक्ष और सदस्यों के पदों को भरने के लिए भी त्वरित फैसला लेना होगा । Jharkhand Cabinet के इन फैसलों का असर हजारों उम्मीदवारों और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा।
JPSC Protest: वाटर कैनन के बीच छात्रों ने किया डांस, 17वें दिन भी नहीं थमा विरोध


