कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता, सितंबर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन; 50 हजार छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य

आदिवासी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान से जुड़ी जानकारी को बढ़ावा देने के लिए देशभर में नेशनल आदिवासी ओलंपियाड का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता की तारीख 22 नवंबर तय की गई है। इसमें देश के करीब 15 राज्यों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।
इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा। आयोजकों की ओर से करीब 50 हजार विद्यार्थियों को प्रतियोगिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सितंबर महीने से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।
नेशनल आदिवासी ओलंपियाड का उद्देश्य बच्चों को आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, वीर योद्धाओं, खेल, ज्ञान-विज्ञान, आदिवासियत और पारंपरिक कृषि पद्धतियों समेत विभिन्न विषयों की जानकारी देना है।
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को 300 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। परीक्षा 22 नवंबर को आयोजित होगी और इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
इस प्रतियोगिता का आयोजन देश के अलग-अलग राज्यों में किया जाएगा। विद्यार्थियों को उनके राज्य और जिले के आधार पर परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। झारखंड के अलावा बिहार, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों के छात्र इसमें हिस्सा ले सकेंगे।
परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतिभागियों को एक अध्ययन पुस्तक उपलब्ध कराई जाएगी। इसी पुस्तक में दिए गए विषयों के आधार पर परीक्षा में सवाल पूछे जाएंगे। प्रतियोगिता में कुल 100 प्रश्न पूछे जाने की जानकारी दी गई है।
परीक्षा का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी होगा। यानी अलग-अलग राज्यों से शामिल होने वाले विद्यार्थियों को दोनों भाषाओं में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, नेशनल आदिवासी ओलंपियाड के जरिए बच्चों को प्रतियोगी मंच देने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति, परंपरा और आदिवासी विरासत से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

