मौसीबाड़ी से मुख्य मंदिर लौटेंगे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा। दोपहर 2:50 बजे रथ खींचने की परंपरा होगी शुरू।

रांची: राजधानी रांची में भगवान जगन्नाथ की घुरती रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहने के बाद आज भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने मुख्य मंदिर लौटेंगे। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मंदिर समिति के अनुसार, दोपहर 2:50 बजे रथ खींचने की परंपरा शुरू होगी। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद भगवानों की वापसी यात्रा प्रारंभ होगी और श्रद्धालु पूरे मार्ग में जयघोष के साथ रथ को खींचेंगे। रथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्य मंदिर पहुंचने के बाद भगवानों का पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था भी की जाएगी। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रथ यात्रा के अवसर पर पूरे मेला परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। पारंपरिक कठपुतली नृत्य और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पहले ही दर्शकों का मन मोह लिया है। मेले में झूले, खान-पान की दुकानें और अन्य आकर्षण भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। हर वर्ष आयोजित होने वाली यह घुरती रथ यात्रा रांची की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

