जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन जारी। डीसी से अलग मंच की अनुमति मिलने के बाद आंदोलन को मिली नई दिशा, छात्रों ने कहा, “पारदर्शी भर्ती और न्याय मिलने तक नहीं हटेंगे।”

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब नए चरण में पहुंच गया है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों ने कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए JPSC परीक्षा रद्द करने और JSSC-CGL परीक्षा की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। इस बीच जिला प्रशासन से अलग मंच बनाने की अनुमति मिलने के बाद आंदोलन और लंबा चलने के संकेत मिल रहे हैं।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध नहीं, बल्कि राज्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। छात्रों ने सरकार से अपील की कि कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जाए।
डीसी से मिली राहत, आंदोलन को मिला नया मंच
धरना स्थल पर दिनभर प्रदर्शन के बीच छात्रों को उस समय राहत मिली जब रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की ओर से उन्हें अलग मंच बनाने की अनुमति दे दी गई। छात्रों ने इसे आंदोलन की आंशिक सफलता बताते हुए कहा कि अब वे अधिक व्यवस्थित तरीके से अपनी बात सरकार और जनता तक पहुंचा सकेंगे।
तिरपाल की अनुमति नहीं, फिर भी डटे रहे छात्र
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बारिश और धूप से बचाव के लिए तिरपाल लगाने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद आंदोलनकारी खुले आसमान के नीचे ही डटे रहे और स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बारिश भी नहीं तोड़ सकी हौसला
शाम को बारिश शुरू होने के बाद भी छात्र धरना स्थल से नहीं हटे। कई छात्र तिरपाल हाथ में लेकर खड़े रहे, जबकि अन्य खुले में ही बैठे रहे। छात्रों ने कहा कि “भीग जाना मंजूर है, लेकिन न्याय के बिना वापस लौटना मंजूर नहीं।”
पोस्टर और प्रतीकों से जताया विरोध
धरना स्थल पर छात्रों ने विभिन्न पोस्टरों और प्रतीकों के माध्यम से भी अपना विरोध दर्ज कराया। कुछ पोस्टरों में कथित “रेट चार्ट” दिखाया गया, जबकि अन्य में नोटों की गड्डियों के चित्र बनाकर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल उठाए गए। छात्रों ने इन प्रतीकों के जरिए निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग को प्रमुखता से उठाया।
जेएलकेएम के मंच से अलग हुए छात्र
आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों ने जेएलकेएम (JLKM) के मंच से अलग होकर अपना स्वतंत्र मंच तैयार करने का फैसला लिया। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसे किसी भी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
छात्रों ने कहा,
“हम खांटी झारखंडी हैं, न यूपी से हैं और न बिहार से। हमारा संघर्ष केवल झारखंड के युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और न्यायपूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए है।”
आंदोलन लंबा चलने के संकेत
अलग मंच की अनुमति मिलने और छात्रों के अडिग रुख को देखते हुए अब यह आंदोलन लंबा चल सकता है। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि JPSC परीक्षा रद्द करने और JSSC-CGL परीक्षा की निष्पक्ष जांच सहित अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय आने तक उनका धरना जारी रहेगा।

