E20 पेट्रोल पर सरकार का बड़ा दावा: ईरान युद्ध के दौरान ₹125 लीटर तक पहुंच सकती थी कीमत, एथेनॉल ब्लेंडिंग से मिली राहत

0
19
Share This Post

सरकार का दावा, कच्चे तेल की कीमत 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद E20 नीति की वजह से दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹94.77 प्रति लीटर पर उपलब्ध रहा। एथेनॉल मिश्रण ने उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन से बचाया।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एक बार फिर E20 पेट्रोल नीति का बचाव करते हुए दावा किया है कि यदि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग नहीं होती, तो ईरान युद्ध के दौरान दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी। सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण की वजह से देश के उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन के बोझ से काफी राहत मिली।

ईरान युद्ध के दौरान बढ़ी थीं कच्चे तेल की कीमतें

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। यह दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।

E20 ब्लेंडिंग से कीमतों पर पड़ा असर

सरकार ने कहा कि यदि भारत पूरी तरह पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भर रहता, तो दिल्ली में पेट्रोल की अनुमानित कीमत करीब 125 रुपये प्रति लीटर हो सकती थी। लेकिन 20 प्रतिशत घरेलू एथेनॉल मिश्रण के कारण उपभोक्ताओं को करीब 94.77 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल उपलब्ध कराया गया।

सरकार ने बताया E20 का बड़ा फायदा

पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि E20 नीति ने भारत को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के असर से काफी हद तक बचाया। चूंकि पेट्रोल का एक हिस्सा देश में उत्पादित एथेनॉल से पूरा किया गया, इसलिए आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई और कीमतों में अत्यधिक उछाल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा।

वाहन मालिकों की आपत्तियों के बीच सरकार का जवाब

हाल के दिनों में कुछ वाहन मालिकों ने E20 ईंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। इसी बीच सरकार ने लगातार चौथी बार विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि यह नीति केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत नहीं करती, बल्कि संकट के समय ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में भी अहम भूमिका निभाती है।

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एथेनॉल के उपयोग को बढ़ाना नहीं, बल्कि विदेशी तेल आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना भी है।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण कम होता है, आयातित तेल पर खर्च घटता है और वैश्विक तेल संकट के समय घरेलू बाजार को स्थिर रखने में मदद मिलती है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here