AI Guards the Shravani Fair राजकीय श्रावणी मेले में लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है। इस बार मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है . 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस माहव्यापी मेले में 35 से 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है . इस वर्ष श्रावणी मेला कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार पूरे मेले में AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है .
शनिवार को उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए . निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
AI और आधुनिक तकनीक का सुरक्षा कवच
झारखंड सरकार ने इस मेले को ‘हाईटेक और श्रद्धालु-केंद्रित’ बनाने का दावा किया है . पूरे मेला क्षेत्र में AI आधारित कैमरे, फेस रिकग्निशन, ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सिस्टम और AI ड्रोन लगाए गए हैं . देवघर में एक AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम (IMCR) स्थापित किया गया है, जहां से 24 घंटे निगरानी की जाएगी .
इस AI सिस्टम के माध्यम से भीड़ का घनत्व, रूट लाइन और सुरक्षा व्यवस्था की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके . इसके अलावा, श्रद्धालु QR कोड स्कैन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और प्रशासन का लक्ष्य 15 मिनट के भीतर समस्याओं का समाधान करना है .
वीआईपी दर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध
इस वर्ष मेले का सबसे बड़ा आकर्षण ‘समानता’ है . प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान वीआईपी (VIP), वीवीआईपी (VVIP) और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे . सामान्य श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि विशिष्ट व्यक्तियों को भी सामान्य कतार के माध्यम से ही बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण करना होगा .
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राज्य सरकार के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के समान सुविधा उपलब्ध हो सके .
विशाल पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था
श्रावणी मेले की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं . 11,500 से 14,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है . इनमें जिला बल, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के जवान, सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की पांच कंपनियां और एनडीआरएफ की दो कंपनियां शामिल हैं . देवघर में 100 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं .
24 घंटे स्वच्छता और अन्य सुविधाएं
उपायुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिया कि बाबा मंदिर और पूरे मेला क्षेत्र में 24×7 स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखी जाए . अतिरिक्त सफाईकर्मियों की रोटेशन के आधार पर तैनाती की जाए और कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित किया जाए . श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय, सहायता केंद्र, विश्राम स्थल और क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है .
श्रद्धालुओं के साथ सेवा भाव से पेश आने की अपील
मेला ड्यूटी में तैनात दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि देवघर आने वाले सभी शिवभक्त देवतुल्य हैं . उन्होंने सभी कर्मियों से विनम्र, संवेदनशील और सेवा भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुखद आध्यात्मिक अनुभव मिल सके .
बाहरी संसाधन
- देवघर जिला प्रशासन: https://deoghar.nic.in
- झारखंड सरकार – सूचना एवं जनसंपर्क विभाग: https://www.jharkhand.gov.in
- National Disaster Response Force (NDRF): https://ndrf.gov.in
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