JPSC Exam विवाद: पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते गिरफ्तार, CID जांच तेज, ₹2 करोड़ लेनदेन का खुलासा
JPSC Exam में कथित अनियमितताओं के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। JPSC Exam की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के सिलसिले में हुई यह गिरफ्तारी छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच आई है, जिसमें प्रदर्शनकारी CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
विषय सूची
- JPSC Exam: पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी
- ₹2 करोड़ के कथित लेनदेन का खुलासा
- JPSC Exam: CID जांच का दायरा और गिरफ्तारियां
- 20 गिरफ्तारियां और TDPL की भूमिका
- JPSC Exam विवाद: छात्रों का आंदोलन जारी
- JPSC Exam की जांच: आगे क्या?
1. JPSC Exam: पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी
JPSC Exam में कथित अनियमितताओं की CID जांच के तहत पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को सोमवार को हिरासत में ले लिया गया । खियांग्ते, जो फरवरी 2025 में राज्य के मुख्य सचिव से सेवानिवृत्त होने के बाद JPSC के अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे, ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था । खियांग्ते की गिरफ्तारी से पहले CID ने 28 जुलाई से चार बार उनसे पूछताछ की थी, जबकि सूत्रों के अनुसार सात राउंड से अधिक की पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया ।
JPSC Exam मामले में यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब छात्र लगातार 18वें दिन JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं । इससे पहले CID ने JPSC मुख्यालय पर छापेमारी की थी और पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से भी पूछताछ की गई थी ।
2. ₹2 करोड़ के कथित लेनदेन का खुलासा
JPSC Exam मामले की CID जांच में ₹2 करोड़ के कथित लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने आई है । हालांकि अधिकारियों ने इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन की कड़ियां उजागर हो रही हैं ।
JPSC Exam की गड़बड़ी के मामले में जांच एजेंसी अब पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते के अलावा अन्य अधिकारियों की भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन पर भी ध्यान केंद्रित करेगी । जांच के दौरान यह भी पता चला है कि JPSC Exam के लिए परीक्षा प्रक्रिया में शामिल TDPL नामक कंपनी से जुड़े कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है ।
3. JPSC Exam: CID जांच का दायरा और गिरफ्तारियां
JPSC Exam मामले में CID की जांच 25 जुलाई से चल रही है, जब CID ने श्वेता कुमारी गुप्ता (उप परीक्षा नियंत्रक) और TDPL के निदेशक एवं कर्मचारियों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था । JPSC Exam की जांच के दौरान CID ने OMR शीट और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं ।
JPSC Exam के विवाद का मामला तब और गंभीर हो गया जब CID की जांच में खुलासा हुआ कि JSSC-CGL परीक्षा का पेपर लीक हुआ था और अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले 65 प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए गए थे । इसी मामले में TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने कबूल किया कि बोकारो में 15 अभ्यर्थियों से ₹12 लाख प्रति व्यक्ति लिए गए, जिससे कुल ₹1.80 करोड़ की वसूली हुई ।
4. 20 गिरफ्तारियां और TDPL की भूमिका
खियांग्ते की गिरफ्तारी के साथ ही JPSC Exam मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 20 हो गई है । JPSC Exam की जांच में पहले ही 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जिनमें चार पूर्व अभ्यर्थी और TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, अकाउंटेंट रक्षक सिंह और तकनीकी प्रोग्रामर शामिल हैं ।
JPSC Exam के विवाद में TDPL की भूमिका अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी कंपनी को JPSC परीक्षाओं का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। CID को संदेह है कि TDPL को परीक्षा का कॉन्ट्रैक्ट देने के निर्णय में ‘क्विड प्रो क्वो’ (कुछ लेकर कुछ देना) शामिल हो सकता है । इस कंपनी को पहले JSSC ने ब्लैकलिस्ट भी किया था, लेकिन बावजूद इसके JPSC Exam के लिए इसे जिम्मेदारी दी गई ।
5. JPSC Exam विवाद: छात्रों का आंदोलन जारी
JPSC Exam विवाद के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्रों की प्रमुख मांग 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की CBI जांच और भर्ती प्रणाली में सुधार हैं । सरकार ने तीन परीक्षाएं रद्द करने और तीन JPSC सदस्यों के इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन छात्र CBI जांच पर अड़े हैं ।
JPSC Exam के इस मामले में सरकार ने छात्रों से वार्ता के लिए चार सदस्यीय मंत्रिसमूह का गठन किया है । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है और कहा है कि JPSC Exam की अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
6. JPSC Exam की जांच: आगे क्या?
JPSC Exam मामले में खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद अब CID की जांच और तेज होगी। जांच एजेंसी अब JPSC Exam से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन की कड़ियों पर ध्यान केंद्रित करेगी ।
JPSC Exam मामले में खियांग्ते को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से अगली कानूनी प्रक्रिया तय होगी । इस बीच, छात्रों का JPSC Exam विवाद को लेकर आंदोलन जारी है और उनकी CBI जांच की मांग अभी भी बरकरार है। JPSC Exam मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि CID जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
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