सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने पर तीनों राज्यों का जोर, नक्सली दस्तों और अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों की सूचनाएं साझा कर संयुक्त अभियान चलाने पर बनी सहमति

चाईबासा: झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में अपराध और नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीनों राज्यों की पुलिस ने आपसी समन्वय और संयुक्त कार्रवाई बढ़ाने का फैसला किया है। गुरुवार को पश्चिमी सिंहभूम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंटर स्टेट बोर्ड की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा ने की। इसमें तीनों राज्यों के पुलिस उप-महानिरीक्षकों के साथ सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा पर फोकस
बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और अपराधियों के खिलाफ बेहतर तालमेल के साथ कार्रवाई करना रहा।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराज्यीय अपराध से निपटने के लिए तीनों राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान और संयुक्त अभियान जरूरी है।
नक्सली दस्तों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा
बैठक में सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली दस्तों और उनकी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने नक्सली संगठनों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं एक-दूसरे के साथ साझा कीं।
इसके साथ ही नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बेहतर खुफिया समन्वय के जरिए नक्सली गतिविधियों पर लगातार नजर रखने पर जोर दिया।
ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क पर संयुक्त कार्रवाई
बैठक में मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी को भी गंभीर चुनौती के रूप में लिया गया। अधिकारियों ने ड्रग्स की तस्करी में शामिल गिरोहों और उनके नेटवर्क से जुड़ी सूचनाओं को नियमित रूप से साझा करने की जरूरत बताई।
तीनों राज्यों की पुलिस के बीच ऐसे गिरोहों की पहचान करने और उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई करने पर सहमति बनी। सीमावर्ती इलाकों में जरूरत के अनुसार संयुक्त अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई।
पशु तस्करी पर भी कसेगा शिकंजा
नक्सलवाद और ड्रग्स के साथ बैठक में पशु तस्करी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय पशु तस्करी से जुड़े गिरोहों के खिलाफ साझा रणनीति के तहत कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने तय किया कि सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में सक्रिय गिरोहों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जा सके।
इंटेलिजेंस शेयरिंग होगी मजबूत
बैठक में तीनों राज्यों के बीच खुफिया सूचनाओं के नियमित आदान-प्रदान को सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों का मानना है कि समय पर सूचना मिलने से अपराधियों और नक्सली दस्तों की गतिविधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों के बीच भी लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
तीन राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हुए शामिल
इंटर स्टेट बोर्ड बैठक में पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम बकारिब और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार स्वर्गियारी सहित झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, नक्सली गतिविधियों पर अंकुश और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए तीनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। इसी दिशा में सूचनाओं के आदान-प्रदान से लेकर संयुक्त अभियानों तक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

