रांची: झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में पिछले 10 वर्षों से 18,901.74 करोड़ रुपये पीएल (Personal Ledger) अकाउंट में बिना उपयोग के पड़े हैं। अब वित्त विभाग ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों को 1 अप्रैल 2023 से पहले जमा राशि राजकोष में वापस जमा करने का निर्देश दिया है।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभागीय सचिवों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि वर्षों से पीएल अकाउंट में पड़ी राशि को खर्च करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था वित्तीय अनुशासन के विपरीत है और सरकारी धन का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
किन विभागों में सबसे ज्यादा राशि?
वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक राशि ऊर्जा विभाग के पीएल अकाउंट में जमा है।
- ऊर्जा विभाग: ₹3,943.39 करोड़
- ग्रामीण विकास एवं आवास: ₹2,876.94 करोड़
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा: ₹1,957.60 करोड़
- कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता: ₹1,922.09 करोड़
- सड़क निर्माण विभाग: ₹1,853.67 करोड़
- कल्याण विभाग: ₹1,229.08 करोड़
- अन्य विभाग: ₹3,342.01 करोड़
कुल राशि: ₹18,901.74 करोड़
पहले भी जारी हो चुका है निर्देश
वित्त मंत्री ने बताया कि 19 जून को भी विभागीय सचिवों को इस संबंध में पत्र भेजा गया था। अब एक महीने के भीतर दूसरी बार निर्देश जारी कर कहा गया है कि 1 अप्रैल 2023 से पहले पीएल अकाउंट में जमा राशि तत्काल राजकोष में वापस जमा कराई जाए।
अब कौन-सी राशि रह सकेगी पीएल अकाउंट में?
वित्त विभाग ने साफ किया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष सहित केवल पिछले तीन वित्तीय वर्षों, यानी कुल चार वर्षों की राशि ही पीएल अकाउंट में रखी जा सकेगी। इससे अधिक पुरानी राशि वापस सरकारी खजाने में जमा करनी होगी।
क्या होता है पीएल अकाउंट?
पीएल (Personal Ledger) अकाउंट वह खाता होता है जिसमें विभाग किसी योजना की बची हुई राशि या निर्धारित समय में खर्च नहीं हो पाने वाली धनराशि जमा कर देते हैं। यह राशि सरकार द्वारा निर्धारित बैंकों में रखी जाती है और वित्त विभाग की अनुमति के बाद ही खर्च की जा सकती है।
जानकारों के अनुसार कई विभाग वर्षों तक योजनाओं की बची राशि पीएल अकाउंट में रखते रहे हैं। इसी कारण बड़ी रकम लंबे समय से बिना उपयोग के पड़ी हुई है। पूर्व वित्त सचिव द्वारा भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि दो वर्ष से अधिक राशि पीएल अकाउंट में नहीं रखी जानी चाहिए।
वित्त विभाग का संदेश
वित्त विभाग का कहना है कि सरकारी योजनाओं के लिए आवंटित धन का समय पर उपयोग होना चाहिए। लंबे समय तक राशि को पीएल अकाउंट में रखना वित्तीय अनुशासन के अनुरूप नहीं है। इसलिए सभी विभागों को पुरानी राशि राजकोष में लौटाने और भविष्य में निर्धारित समयसीमा के भीतर धन खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं.

