
झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: 7890 चापाकल, 500 बेड का अस्पताल और 607 करोड़ की सिंचाई योजना को मंजूरी
रांची, 28 अक्टूबर 2026। अबुआ न्यूज़ झारखंड
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, सड़क, बिजली, रोजगार और कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पेयजल संकट दूर करने के लिए 7890 चापाकलों की स्थापना, एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण, झारखंड मेडिको सिटी के आधारभूत ढांचे और नीमडीह-कुकडू मेगालिफ्ट सिंचाई योजना समेत कई योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
7890 चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी
राज्य में पेयजलापूर्ति की समस्या दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 263 प्रखंडों में 7890 चापाकल लगाए जाएंगे। इसके लिए 9654.70810 लाख रुपये यानी लगभग 96.55 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि पर योजना और व्यय की स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा हजारीबाग जिले की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और मुख्य नहरों की लाइनिंग के लिए 32.17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
नीमडीह-कुकडू सिंचाई योजना पर खर्च होंगे 607 करोड़
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकडू प्रखंडों में सिंचाई सुविधा का विस्तार करने के लिए नीमडीह-कुकडू मेगालिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत चांडिल जलाशय से पानी उठाकर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
वहीं, झारखंड जलछाजन योजना की 28 परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 58.61780 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
एमजीएम में 500 बेड के अस्पताल के लिए 545 करोड़ मंजूर
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल भवन के निर्माण के लिए 545.38 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही झारखंड मेडिको सिटी के लिए आधारभूत संरचना के निर्माण पर 284.17 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना और उपकरणों की खरीद के लिए 9.90 करोड़ रुपये की लागत पर कार्य आवंटित करने की स्वीकृति भी दी गई।
गिरिडीह और रांची में सड़कों के विकास को मंजूरी
कैबिनेट ने गिरिडीह जिले की कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी।
- बड़कीटांड-जबर्दाहा-निमायटांड-शंकरडीह-मरजुगुंडी पथ: 7.783 किलोमीटर सड़क के विकास के लिए लगभग 40.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
- मदहालो से अलाकडीहा पथ: 7.80 किलोमीटर सड़क के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 37.47 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
- पतालडीह-देवरी-गांवा-सतगांवा पथ: 42.40 किलोमीटर सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार के लिए लगभग 37.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
- एडरमहातु से बांंकू पथ, रांची: 5.670 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए लगभग 30.09 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
इनमें आवश्यकतानुसार पुल निर्माण, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण और अन्य संबंधित कार्य भी शामिल हैं।
चाईबासा में ग्रिड सब स्टेशन के लिए 26.78 करोड़
400/200 केवी ग्रिड सब स्टेशन, चाईबासा में दो लाइन फीडर बे के निर्माण के लिए 26.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस राशि को जारी करने की भी मंजूरी प्रदान की गई।
वहीं, राज्य के आदिवासी बहुल गांवों के ऐसे टोले और घर, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची है, उन्हें विद्युतीकृत करने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 184.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
गोड्डा में बनेगा नया पशु आहार कारखाना
झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना स्थापित किया जाएगा। इसकी उत्पादन क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया जा सकेगा।
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 51.49 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और सेवा संबंधी मामलों पर फैसला
मंत्रिपरिषद ने विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने से संबंधित 11 विभागीय संकल्पों में संशोधन की मंजूरी दी।
इसके अलावा राज्य कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों, सेवा शर्तों में एकरूपता और एसीपी/एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई उच्चस्तरीय समिति के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई।
विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के आलोक में कुछ कर्मचारियों की सेवा नियमित करने, प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से सेवा की गणना करने, पेंशन संबंधी लाभ देने और पदोन्नति से जुड़े मामलों पर भी निर्णय लिए गए।
राज्य प्रोबेशन सेवा संशोधन नियमावली, 2026 तथा झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा नियमावली, 2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई।
छात्रों के प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्रशिक्षण देने के लिए झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम के रांची, दुमका और रामगढ़ केंद्रों का चयन करने की स्वीकृति दी गई।
राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए Statute for Health Care Management and Mental Wellbeing-2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य देखभाल और मानसिक कल्याण से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और इसके अधीनस्थ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में पद समूहों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
भूमि अधिग्रहण के लिए बनेगा एकीकृत पोर्टल
राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एकीकृत लैंड एक्विजिशन पोर्टल विकसित करने की मंजूरी दी गई। इसमें पहले से अर्जित भूमि से संबंधित व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त झारखंड राजकोषीय अध्ययन संस्थान को सोसायटी निबंधन अधिनियम, 1860 के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत करने की प्रक्रिया से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को विशिष्ट विषयों के अध्ययन, अनुसंधान और तकनीकी परामर्श के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन एवं कार्यप्रणाली नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
आंगनबाड़ी पोषण योजना के लिए नई व्यवस्था
मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत पूरक पोषाहार कार्यक्रम और किशोरी बालिका योजना के लाभार्थियों को टेक होम राशन के रूप में पोषक तत्वों से युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाने की मंजूरी दी गई।
इस व्यवस्था के तहत खाद्य सामग्री के निर्माण और आपूर्ति के लिए सफल निविदादाताओं का चयन किया जाएगा। आवश्यक प्रावधानों में संशोधन और छूट देकर तीन वर्ष के अनुबंध तथा एक वर्ष के संभावित विस्तार की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।
सरकारी स्कूलों और बालिका आवासीय विद्यालयों के लिए निर्णय
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की विभिन्न गतिविधियों के लिए अतिरिक्त राशि से संबंधित पूर्व संकल्प की एक कंडिका में संशोधन को मंजूरी दी गई।
राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने की स्वीकृति भी दी गई।
पुलिस थानों में सीसीटीवी के लंबित भुगतान को मंजूरी
राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की परियोजना के तहत परामर्शी संस्था अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी को लंबित भुगतान के लिए 1,17,52,800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिक्त झारखंड दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1953 की धारा 9 और 21 में संशोधन करने तथा अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र यानी फायर एनओसी की वैधता और नवीनीकरण अवधि में बदलाव को भी मंजूरी दी गई।
खनन, औद्योगिक विकास और भूमि लीज से जुड़े फैसले
लातेहार जिले के चंदवा अंचल के चकला क्षेत्र में 147.05 एकड़ गैरमजरुआ भूमि को चकला कोल परियोजना के लिए हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज पर देने की स्वीकृति दी गई।
झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, झारखंड राज्य खनिज विकास निगम और अन्य राज्य इकाइयों द्वारा प्राप्त या प्राप्त किए जाने वाले खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण, विकास एवं संचालन के लिए Jharkhand Mineral Exploration and Block Development Policy, 2026 को मंजूरी दी गई।
झारखंड खनिज धारित भूमि उपकर अधिनियम, 2024 की अनुसूची में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली।
झारखंड-बंगाल के बीच जल संसाधन समझौते को मंजूरी
मयूराक्षी उप-बेसिन के जल संसाधनों के बंटवारे और मयूराक्षी उप-बेसिन के मसानजोर बांध तथा दामोदर उप-बेसिन के तेनुघाट बांध के संयुक्त नियंत्रण की व्यवस्था से संबंधित प्रस्ताव पर सहमति दी गई।
इस संबंध में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच निष्पादित किए जाने वाले समझौते के प्रारूप को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।
25 और 26 नवंबर को विधानसभा की विशेष बैठक
षष्ठम झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के क्रम में 25 नवंबर और 26 नवंबर 2026 को सदन की विशेष बैठक आयोजित करने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी।
इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27 और वित्तीय नीति रणनीति विवरण तथा मध्यम अवधि की राजकोषीय योजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एवं उनकी टीम के चयन और 18.375 लाख रुपये के भुगतान को भी मंजूरी दी गई।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत संविदा पर कार्यरत क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मियों के मासिक मानदेय में संशोधन, जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन एवं मुहरांकन शुल्क से दुकानदारों को छूट देने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित देनदारियों के भुगतान को भी स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा झारखंड वेस्ट वाटर संशोधन नीति, 2026 तथा झारखंड नगरपालिका भूमि/भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली, 2026 के गठन को मंजूरी दी गई। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार संबंधी झारखंड संशोधन विधेयक, 2019 को वापस लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
मंत्रिपरिषद ने विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन, अधिकारियों की सेवा संबंधी मामलों, वित्तीय प्रबंधन, आधारभूत संरचना और खनिज विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए।




