
एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का दम, पुरुषों से ज्यादा जीते स्वर्ण; 85 पदकों के साथ अभियान समाप्त
भारत के 21 स्वर्ण में महिला खिलाड़ियों ने जीते 11, पुरुषों ने सात और मिश्रित स्पर्धाओं में मिले तीन गोल्ड; झारखंड की हॉकी खिलाड़ियों को सीएम हेमंत सोरेन ने किया सम्मानित

रांची/खेल डेस्क: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत ने कुल 85 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया, जिनमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इन स्वर्ण पदकों में अकेले महिला खिलाड़ियों ने 11 जीते, जबकि पुरुष खिलाड़ियों के हिस्से सात और मिश्रित स्पर्धाओं में तीन स्वर्ण आए।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित खेलों के समापन के साथ भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में महिलाओं की उपलब्धियां खास चर्चा में रहीं। स्वर्ण पदकों की संख्या में उन्होंने पुरुष खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा।
महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने जीते बराबर कुल पदक
महिला खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण, 11 रजत और 16 कांस्य सहित कुल 38 पदक हासिल किए। पुरुष खिलाड़ियों ने सात स्वर्ण, 14 रजत और 17 कांस्य के साथ 38 पदक जीते। मिश्रित स्पर्धाओं में भारत को तीन स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य सहित नौ पदक मिले।
इस तरह भारत की कुल पदक संख्या में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य शामिल रहे। महिला और पुरुष खिलाड़ियों के कुल पदक बराबर रहे, लेकिन स्वर्ण पदकों में महिलाओं की बढ़त रही।
24 वर्ष बाद फिर स्वर्ण पदकों में आगे रहीं महिलाएं
भारतीय महिला खिलाड़ियों ने 24 वर्ष बाद एशियाई खेलों में पुरुषों से अधिक स्वर्ण पदक जीते। इससे पहले 2002 के एशियन गेम्स में महिलाओं ने छह और पुरुषों ने पांच स्वर्ण हासिल किए थे।
एशियाई खेलों में भारतीय महिलाओं के स्वर्णिम सफर की शुरुआत 1982 में महिला चार गुणा 100 मीटर रिले स्पर्धा से हुई थी। इस बार 11 स्वर्ण पदकों के साथ उन्होंने देश की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई।
क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में दोनों टीमों को सोना
क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारतीय महिला तथा पुरुष टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। इन तीनों खेलों में दोनों वर्गों की सफलता ने भारत की पदक तालिका को मजबूती दी।
झारखंड की हॉकी खिलाड़ियों से मिले मुख्यमंत्री
भारतीय महिला हॉकी टीम की स्वर्ण पदक विजेता झारखंड की चार खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। सीएम आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग को मुख्यमंत्री ने मिठाई खिलाकर बधाई दी तथा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता की तैयारियों और उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की सफलता में झारखंड की बेटियों का योगदान राज्य और देश के लिए गौरव की बात है। खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और उपलब्धियां विशेषकर बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगी।
रंगारंग समापन, अगला आयोजन दोहा में
संगीत, रोशनी और जापानी संस्कृति की प्रस्तुतियों के बीच रविवार को एशियन गेम्स का समापन हुआ। करीब 90 मिनट चले समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक निकहत जरीन रहीं। समापन के दौरान एशियाई ओलंपिक परिषद का ध्वज अगले मेजबान को सौंपा गया। अगले एशियाई खेल वर्ष 2030 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित होंगे।




