नई नीति से गैस आधारित यूरिया संयंत्रों में निवेश को मिलेगा बढ़ावा, आयात पर निर्भरता होगी कम और निवेशकों को कई विशेष सुविधाएं मिलेंगी।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में यूरिया उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस नई नीति के तहत देश में नए गैस आधारित यूरिया संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और खाद की उपलब्धता मजबूत होगी।
नई नीति में निवेशकों के लिए 12 से 16 प्रतिशत तक सुनिश्चित रिटर्न, लागत निर्धारण में पारदर्शिता तथा विदेशी मुद्रा जोखिम से सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य निजी निवेश को आकर्षित करना और उर्वरक क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देना है। सरकार का अनुमान है कि प्रत्येक नए यूरिया संयंत्र के शुरू होने से 250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो सकती है। इससे न केवल आयात बिल में कमी आएगी, बल्कि देश की उर्वरक सुरक्षा भी मजबूत होगी। सरकार को उम्मीद है कि राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

