Vande Bharat Trains: टाटानगर को मिल सकती हैं दो नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें
लंबी दूरी की रेल यात्रा को अधिक आरामदायक, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में टाटानगर को जल्द ही दो नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल सकती है। दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) ने टाटानगर से मुंबई और वाराणसी के लिए इन ट्रेनों के संचालन का विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।
इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए टाटानगर में 283 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कोचिंग डिपो विकसित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, टाटानगर में 3.84 अरब रुपये (लगभग 384 करोड़ रुपये) के वंदे भारत रखरखाव केंद्र के लिए भी आवंटन किया गया है।
मुंबई और वाराणसी की यात्रा होगी अधिक सुविधाजनक
प्रस्ताव के अनुसार पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन पश्चिम बंगाल के शालिमार से मुंबई के बीच चलेगी। यह ट्रेन टाटानगर और चक्रधरपुर होते हुए झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र पहुंचेगी।
दूसरी प्रस्तावित वंदे भारत ट्रेन टाटानगर से वाराणसी के बीच चलेगी। वर्ष 2024 में इस परियोजना की योजना तैयार की गई थी, लेकिन टाटा स्टेशन पर पर्याप्त रखरखाव सुविधाएं नहीं होने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब यह ट्रेन शुरू होने पर झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
283 करोड़ रुपये से मजबूत होगा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर
हाई स्पीड स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे टाटानगर में 283 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक कोचिंग डिपो तैयार करेगा। फिलहाल टाटानगर स्टेशन पर केवल एक वाशिंग लाइन उपलब्ध है, जिसका उपयोग मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों की सफाई और तकनीकी रखरखाव के लिए किया जाता है।
नया कोचिंग डिपो और स्टेशन पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद बुनियादी ढांचे की सभी प्रमुख कमियां दूर हो जाएंगी और भविष्य में कई नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा।
पूर्वी भारत का बड़ा वंदे भारत हब बनेगा टाटानगर
दो नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के संचालन के बाद टाटानगर रेलवे स्टेशन पूर्वी भारत के प्रमुख वंदे भारत रेल हब के रूप में उभरेगा। वर्तमान में टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है।
इसके अलावा रांची-हावड़ा और राउरकेला-हावड़ा वंदे भारत ट्रेनें भी सप्ताह में छह दिन टाटानगर होकर गुजरती हैं। नई स्लीपर ट्रेनों के जुड़ने के बाद टाटानगर कुल पांच वंदे भारत ट्रेनों का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।


