Home Department: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी पर बड़ी कार्रवाई
रांची: झारखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Home Department (गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में कथित गंभीर लापरवाही के आरोपों के बाद की गई है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अवर सचिव संजय कुमार झा और संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा को निलंबित किया गया है। सरकार के मुताबिक, दोनों अधिकारियों पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने, सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बिना रिपोर्ट तैयार कर भेजने तथा वास्तविक तथ्यों से अलग जानकारी प्रस्तुत करने के आरोप हैं। इसे गंभीर प्रशासनिक चूक और अनुशासनहीनता मानते हुए झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत कार्रवाई की गई है।
Home Department: क्या है पूरा मामला?
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश से जुड़ा है, जिसमें देशभर के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसी सिलसिले में 11 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अदालत के मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने सभी राज्यों के Home Department के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।
बैठक के बाद निर्देश दिया गया था कि सीसीटीवी स्थापना से संबंधित रिपोर्ट सूचना, प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही भेजी जाए। आरोप है कि अवर सचिव संजय कुमार झा ने इन निर्देशों का पालन किए बिना स्वयं रिपोर्ट तैयार कर सीधे वरिष्ठ अधिवक्ता के कार्यालय को ईमेल कर दिया।
वहीं संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा पर बिना सक्षम स्वीकृति के वास्तविक तथ्यों से अलग रिपोर्ट भेजने का आरोप है। इसके कारण पहले भेजी गई रिपोर्ट को निरस्त कर दोबारा संशोधित रिपोर्ट तैयार करनी पड़ी। इस घटना को Home Department में बड़ी प्रशासनिक विफलता के रूप में देखा जा रहा है।
Home Department: सरकार ने क्यों लिया सख्त कदम?
Home Department में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न करना एक गंभीर मामला माना गया है। सरकार ने पूरे मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
Home Department में बिना मंजूरी रिपोर्ट भेजना और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना को अनुशासनहीनता माना गया है। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Home Department राज्य की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा का प्रमुख विभाग है, जिसमें इस तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
झारखंड सरकार का कहना है कि Home Department में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


