
हजारीबाग झील में बनेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, दशहरा तक शुरू करने की तैयारी; पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण
दो मंजिला तैरते प्लेटफॉर्म पर बनेगा रेस्टोरेंट, 50 से 70 लोगों के बैठने की व्यवस्था; पर्यावरण, लागत और स्थानीय दुकानदारों को लेकर उठे सवाल

हजारीबाग: शहर की ऐतिहासिक झील अब जल्द ही एक नए आकर्षण के लिए जानी जाएगी. झील में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट तैयार किया जा रहा है, जिसे दशहरा तक शुरू करने की तैयारी है. नगर निगम की झील सौंदर्यीकरण योजना के फेज-2 के तहत बन रही इस परियोजना को शहर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
झील के पानी पर तैरेगा दो मंजिला रेस्टोरेंट
यह कोई सामान्य रेस्टोरेंट नहीं होगा. इसे झील के पानी पर तैरने वाले बड़े बजरे या प्लेटफॉर्म के ऊपर दो मंजिला ढांचे के रूप में तैयार किया जा रहा है. किनारे से रेस्टोरेंट तक पहुंचने के लिए एक छोटा पुल बनाया जाएगा.
रेस्टोरेंट में एक समय में करीब 50 से 70 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. यहां फैमिली डाइनिंग और कैफेटेरिया के साथ शाम के समय लाइटिंग के बीच लेक व्यू डिनर का अनुभव देने की योजना है.
नगर निगम के अनुसार, इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा. इसके लिए गोरखपुर के रामगढ़ताल और भोपाल की झीलों में विकसित पर्यटन मॉडल का भी उदाहरण दिया जा रहा है.
पर्यावरण को लेकर उठ रहे सवाल

परियोजना के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि झील पहले से ही प्रदूषण और गाद जैसी समस्याओं से जूझ रही है.
उनकी चिंता है कि रेस्टोरेंट से निकलने वाला खाद्य कचरा, तेल या गंदा पानी अगर झील में पहुंचा, तो इसका असर जल की गुणवत्ता और जलीय पर्यावरण पर पड़ सकता है. उनका कहना है कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने से पहले झील की सफाई और गहरीकरण पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए.
13.97 करोड़ की योजना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की निर्माण योजना को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठे हैं. कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाला ने योजना की लागत और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट की मांग की है.
उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच की मांग की है. हालांकि, नगर निगम ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और उसका कहना है कि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है.
छोटे दुकानदारों को भी सता रही चिंता
झील के आसपास फूड स्टॉल लगाने वाले करीब 15 से 20 छोटे वेंडर्स भी नई परियोजना को लेकर चिंतित हैं. उन्हें आशंका है कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट शुरू होने के बाद उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है या उन्हें वहां से हटाया जा सकता है.
वेंडर्स की मांग है कि अगर झील के पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, तो उसका फायदा छोटे स्थानीय कारोबारियों को भी मिलना चाहिए.
रोजगार और पर्यटन बढ़ने की उम्मीद
प्रशासन का मानना है कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट शुरू होने से हजारीबाग में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है. झील घूमने आने वाले पर्यटकों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी नया आकर्षण मिलेगा.
अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और नगर निगम को राजस्व भी प्राप्त होगा. शाम के समय झील के आसपास पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की भी उम्मीद है.
पर्यावरणीय व्यवस्था का दावा
नगर निगम और प्रशासन की ओर से बताया गया है कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में बायो-टॉयलेट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और नियमित निगरानी जैसी व्यवस्थाएं रखी जाएंगी. दावा है कि रेस्टोरेंट से निकलने वाला कचरा झील में नहीं जाने दिया जाएगा.
अब नजर इस बात पर है कि दशहरा तक परियोजना शुरू होने के बाद पर्यटन और स्थानीय कारोबार को कितना फायदा मिलता है और झील के पर्यावरण की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है.




