Major Action on Paper Leak:नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाईपावर टास्क फोर्स, 10 साल जेल और 10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव

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Major Action on Paper Leakदेश में पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए हाईपावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2026 को टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और आधार के जनक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाईपावर टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की . इस बड़े एक्शन का उद्देश्य देश की परीक्षा प्रणाली को मजबूत, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-आधारित बनाना है। पेपर लीक पर इस बड़े एक्शन से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद इस्तीफा दिया था .

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: कैबिनेट ने दी मंजूरी

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन लेते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने 24 जुलाई 2026 को एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी, जिसमें पेपर लीक मामलों में कड़ी सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रावधान है . इस बड़े एक्शन के तहत सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन किए जाएंगे . पेपर लीक पर बड़ा एक्शन लेते हुए सरकार ने 5 से 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव रखा है .

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: नए विधेयक की मुख्य बातें

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन लेने के लिए लाए जा रहे विधेयक में कई महत्वपूर्ण प्रावधान हैं :

  • 5 से 10 साल की कैद और 50 लाख से 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना
  • संगठित अपराध में 7 साल की न्यूनतम सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माना
  • हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना
  • चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का प्रावधान
  • जांच 2 महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: हाईपावर टास्क फोर्स के सदस्य

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन लेते हुए गठित हाईपावर टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं :

  • नंदन नीलेकणी (अध्यक्ष) – इंफोसिस के सह-संस्थापक, आधार के जनक
  • एस सोमनाथ – पूर्व इसरो अध्यक्ष
  • तापन डेका – पूर्व आईबी निदेशक
  • वी कामकोटि – आईआईटी मद्रास के निदेशक
  • अनीता करवाल – पूर्व शिक्षा सचिव
  • अमृत लाल मीना – पूर्व आईएएस अधिकारी

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: टास्क फोर्स का उद्देश्य

पेपर लीक पर बड़ा एक्शन लेते हुए गठित इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाना है । टास्क फोर्स टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, नीति और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर काम करेगी । पेपर लीक पर बड़ा एक्शन लेते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि टास्क फोर्स प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परिणाम प्रकाशन तक हर स्तर पर सुधार की सिफारिश करेगी 

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