जामताड़ा में ‘फर्जी पुलिसवाला’ गिरफ्तार, वर्दी का रौब दिखाकर करता था अवैध वसूली; देसी कट्टा और कारतूस बरामद

0
5
Share This Post
मिहिजाम पुलिस की कार्रवाई में फर्जी पुलिस आईडी, वर्दी, दो वॉकी-टॉकी और हथियार समेत कई सामान जब्त; आरोपी खुद को जैप-5 का जवान बताकर लोगों को डराने का करता था प्रयास

जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले में पुलिस की वर्दी पहनकर आम लोगों पर रौब जमाने और कथित रूप से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। मिहिजाम थाना पुलिस ने इस मामले में 34 वर्षीय अनुप कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को जैप-5, देवघर का जवान बताता था और फर्जी पहचान पत्र तथा पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को डराता था।

पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो वॉकी-टॉकी, दो चाकू, तीन स्मार्टफोन, पुलिस की वर्दी, बूट, बेल्ट, टोपी, पिट्ठू बैग, एक डायरी और जैप-5 का कथित फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। बुधवार को एसडीपीओ वसीम रजा ने प्रेस वार्ता में पूरे मामले की जानकारी दी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

विशेष अभियान के दौरान मिली संदिग्ध व्यक्ति की सूचना

एसडीपीओ के अनुसार, मंगलवार शाम पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में वारंटियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा को सूचना मिली कि कानगोई-डोमदाहा रोड पर पुलिस की वर्दी पहने एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है और लोगों को भ्रमित कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक कानगोई पत्थर डंप के पास एक व्यक्ति पुलिस की पैंट और बूट पहने शराब पीता मिला। संदेह होने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

खुद को बताया जैप-5 का जवान

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अनुप कुमार, उम्र 34 वर्ष और निवासी कानगोई, मिहिजाम बताया। शुरुआत में उसने पुलिस को बताया कि वह जैप-5, देवघर में जवान है। पुलिस ने जब उसके पहचान पत्र और उसमें दर्ज विवरण की जांच की तो कथित तौर पर नियुक्ति तिथि और जन्मतिथि में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद उससे विस्तृत पूछताछ की गई।

धनबाद से पुलिस की वर्दी खरीदने का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी पहचान पत्र तैयार कराया था और धनबाद से पुलिस की वर्दी खरीदी थी। आरोप है कि वह वर्दी पहनकर खुद को पुलिसकर्मी के रूप में पेश करता और आम लोगों को डराकर उनसे अवैध रूप से पैसे वसूलता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को इस तरीके से निशाना बनाया और उसके साथ इस गतिविधि में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

पुलिस की जांच में आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ पहले चितरंजन थाना कांड संख्या 13/2014 के तहत आईपीसी की धारा 498A, 323, 406 और 506 के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

मौजूदा मामले में पुलिस ने मिहिजाम थाना कांड संख्या 50/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल

इस कार्रवाई में मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा, पुलिस अवर निरीक्षक गुलशन कुमार सिंह, आरक्षी अजीत कामती और सदीक अंसारी समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। पुलिस बरामद हथियार, फर्जी पहचान पत्र और अन्य सामान की जांच के साथ आरोपी की कथित अवैध वसूली से जुड़े मामलों की भी पड़ताल कर रही है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here