परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी की ‘इडियट’ टिप्पणी और छात्र आंदोलन में पुलिस फायरिंग को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए आरोपों पर सत्ता पक्ष ने मांगे सबूत; अखिलेश यादव ने पूछा, फायरिंग का आदेश किसने दिया?

नई दिल्ली: लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान बुधवार को जबरदस्त सियासी टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi राहुल गांधी के भाषण की दो टिप्पणियों को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई और सदन में नारेबाजी शुरू हो गई।
छात्रा से बातचीत का जिक्र, ‘इडियट’ शब्द पर विवाद
विधेयक पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने एक 18 वर्षीय छात्रा के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने छात्रा के हवाले से बताया कि एक सच्चा विद्यार्थी वह होता है जो विनम्र रहता है, खुले मन से सीखने के लिए तैयार होता है और यह स्वीकार करता है कि उसे हर चीज की जानकारी नहीं है।
इसके विपरीत उन्होंने ऐसे लोगों का जिक्र किया जो खुद को सब कुछ जानने वाला समझते हैं, दूसरों की बात सुनने को तैयार नहीं होते और अहंकार से भरे रहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रा ऐसे लोगों के लिए ‘इडियट’ शब्द का इस्तेमाल करती है। इस टिप्पणी को लेकर सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध जताया।
अमित शाह को लेकर राहुल गांधी ने लगाया गंभीर आरोप
इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah अमित शाह की सदन में गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री सदन में इसलिए मौजूद नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस फायरिंग का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इसकी अनुमति और आदेश गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दिया गया था। इस आरोप के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी आपत्ति जताई और राहुल गांधी से अपने दावे का आधार बताने की मांग की।
रिजिजू ने पूछा, आरोप का सबूत क्या है?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोप पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री पर इतना गंभीर आरोप बिना किसी प्रमाण के नहीं लगाया जा सकता।
रिजिजू ने राहुल गांधी से पूछा कि इस आरोप का आधार क्या है और किस अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी? उन्होंने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष अपने आरोप को साबित नहीं कर सकते तो उन्हें सदन में माफी मांगनी चाहिए। रिजिजू ने इसे संसदीय विशेषाधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाकर सदन की कार्यवाही नहीं चलाई जा सकती।
अखिलेश यादव ने पूछा, फायरिंग का आदेश फिर किसने दिया?
सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी से लगातार माफी की मांग किए जाने के बीच विपक्षी सांसद उनके समर्थन में सामने आए। विपक्ष की ओर से मांग की गई कि नेता प्रतिपक्ष को अपना भाषण पूरा करने दिया जाए। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav अखिलेश यादव ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरकार से सवाल किया कि अगर नेता प्रतिपक्ष की ओर से इतना गंभीर मुद्दा उठाया गया है, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्र आंदोलन के दौरान फायरिंग का आदेश आखिर किसने दिया था?
ओम बिरला ने याद दिलाए संसदीय नियम
हंगामा बढ़ने के बाद लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने राहुल गांधी को संसदीय नियमों और मर्यादा का पालन करने की नसीहत दी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में बिना पूर्व सूचना किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने से बचना चाहिए। संसद में कही गई बातें स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बनती हैं, इसलिए सदस्यों को तथ्यों और नियमों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी से अपनी बात को चर्चा के मूल विषय यानी परीक्षा संशोधन विधेयक तक सीमित रखने को भी कहा।
विवादित टिप्पणियां रिकॉर्ड से हटाई गईं
सत्ता और विपक्ष के बीच लंबे समय तक चली बहस और नारेबाजी के बाद राहुल गांधी की विवादित टिप्पणियों को लोकसभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। परीक्षा से जुड़े विधेयक पर शुरू हुई चर्चा इस तरह छात्र आंदोलन, कथित पुलिस फायरिंग और गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को लेकर बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गई।

