मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंची शिकायतों के बाद कार्रवाई तेज। उप-परीक्षा नियंत्रक सहित कई लोगों के खिलाफ जांच, ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने और उत्तर पुस्तिकाओं में कथित गड़बड़ी के आरोप।

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जांच तेज हो गई है। शिकायतों के आधार पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले की पड़ताल में जुट गया है। जांच का दायरा परीक्षा संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परीक्षा कराने वाली एजेंसी तक पहुंच गया है।
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, JPSC पर आरोप है कि कुछ परीक्षाओं का संचालन ऐसी एजेंसी से कराया गया, जिसे पहले अन्य राज्यों में अनियमितताओं के आरोपों के चलते ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एजेंसी के चयन और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
उप-परीक्षा नियंत्रक सहित कई लोग जांच के दायरे में
मामले में उप-परीक्षा नियंत्रक सहित कई अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि परीक्षा संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं के रखरखाव और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
उत्तर पुस्तिकाओं और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच
जांच के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं, डिजिटल रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह जांच रही हैं कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की छेड़छाड़ या अनियमितता हुई थी या नहीं।
अभ्यर्थियों ने लगाए गंभीर आरोप
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में सीटों से अधिक अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, रिक्त सीटों और चयन सूची को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं और परीक्षा रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आई हैं।
सरकार और जांच एजेंसियों की नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा प्रक्रिया में वास्तव में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं।

