रांची जिला प्रशासन ने सावन मेले को लेकर तैयारियां तेज कीं। कांवरियों की सुविधा के लिए स्वर्णरेखा घाट पर 100 बेड का आश्रयगृह, स्वास्थ्य शिविर, मेडिकल टीम, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होंगे।

रांची: सावन माह में भगवान शिव के भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार स्वर्णरेखा घाट पर कांवरियों के लिए 100 बेड का अस्थायी आश्रयगृह बनाया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
100 बेड का आश्रयगृह और बेहतर सुविधाएं
प्रशासन के अनुसार आश्रयगृह में कांवरियों के ठहरने की व्यवस्था के साथ पेयजल, शौचालय, विश्राम और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष जोर
सावन मेले के दौरान प्रमुख स्थानों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
साथ ही पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रकाश और पेयजल की होगी समुचित व्यवस्था
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि कांवर मार्गों और प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग और दिशा-निर्देश संबंधी संकेतक भी लगाए जाएंगे।
गड्ढों और कीचड़ वाले रास्तों की होगी मरम्मत
श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कांवर मार्गों पर मौजूद गड्ढों और कीचड़ वाले हिस्सों की मरम्मत भी की जाएगी। संबंधित विभागों को सड़क की स्थिति सुधारने और मार्ग को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन या ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों से संपर्क करें।
प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष सावन मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी।

