मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 49 प्रस्तावों को मंजूरी। गंभीर मरीजों के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस, 1000 स्कूलों में AI स्मार्ट क्लास, पंचायतों की सड़कों का चौड़ीकरण समेत कई अहम निर्णय।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में 49 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका उद्देश्य आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है।
सुदूर क्षेत्रों के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा
कैबिनेट ने राज्य के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले गंभीर मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा (एयर एंबुलेंस) शुरू करने का निर्णय लिया है। इस सेवा का उपयोग गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक तेजी से पहुंचाने के लिए किया जाएगा। इसके संचालन के लिए अलग से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाएगा।
1000 स्कूलों में AI आधारित स्मार्ट कक्षाएं
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 1000 सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने की मंजूरी दी गई है। यह योजना अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू होगी।
इस परियोजना के लिए 76 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक चयनित स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे और शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पंचायतों की सड़कों का होगा चौड़ीकरण
कैबिनेट ने पंचायतों में बनने वाली सड़कों की चौड़ाई 3 मीटर से बढ़ाकर 4.5 मीटर करने का फैसला लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि बढ़ी
बैठक में झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। अब विधानसभा का सत्र 6 दिनों के बजाय 12 अगस्त तक चलेगा।
दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत
कैबिनेट ने दिव्यांग, दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित और अन्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक न्यूनतम उपस्थिति की शर्त में भी राहत देने का निर्णय लिया है।
पांच साल में पूरी होगी AI परियोजना
सरकार के अनुसार AI आधारित कक्षाओं के लिए पहले चरण में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसके बाद शिक्षकों का प्रशिक्षण और स्मार्ट स्टूडियो की स्थापना की जाएगी। अगले पांच वर्षों में सभी चयनित स्कूलों में AI आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन फैसलों के साथ राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, शिक्षा में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

