
झारखंड में SIR की डेडलाइन खत्म, फिर भी 1 अक्टूबर को आए 14 हजार से ज्यादा आवेदन; 19 अक्टूबर को अंतिम वोटर लिस्ट
30 सितंबर तक Form-6 के 6.92 लाख और Form-8 के 4.73 लाख आवेदन, अगले दिन भी नाम जोड़ने और सुधार के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म पहुंचे

रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 के तहत दावा-आपत्ति और आवेदन जमा करने की समयसीमा 30 सितंबर को समाप्त हो गई। इसके बावजूद 1 अक्टूबर को भी बड़ी संख्या में आवेदन निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, डेडलाइन खत्म होने के अगले दिन 14,047 आवेदन दर्ज किए गए।
30 सितंबर तक मिले लाखों आवेदन
निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए Form-6 के तहत 6,92,597 आवेदन प्राप्त हुए थे। वहीं मौजूदा मतदाता विवरण में सुधार, पता बदलने या अन्य संशोधन के लिए Form-8 के 4,73,609 आवेदन दर्ज किए गए।
मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति के लिए Form-7 के 13,443 आवेदन मिले हैं। इसके अलावा विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण से संबंधित Form-6A के 112 आवेदन प्राप्त हुए थे।
डेडलाइन के अगले दिन भी आए 14 हजार आवेदन
30 सितंबर को आवेदन की निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद भी 1 अक्टूबर को नए फॉर्म जमा हुए। आंकड़ों के अनुसार, इस दिन Form-6 के 7,490, Form-8 के 6,407 और Form-7 के 149 आवेदन आए। वहीं Form-6A का एक आवेदन भी दर्ज हुआ।
इस तरह 1 अक्टूबर को कुल 14,047 आवेदन प्राप्त हुए।
अब आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया
SIR के अगले चरण में प्राप्त दावों और आपत्तियों के निपटारे पर फोकस है। जिन मामलों में दस्तावेज या मतदाता संबंधी जानकारी की जरूरत है, वहां BLO स्तर पर घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ERO स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में आवेदनों के कारण अब सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। इस प्रक्रिया के लिए बड़ी संख्या में ERO और AERO अधिकारियों को लगाया गया है।
Form-7 के आंकड़ों पर भी नजर
SIR के दौरान नाम हटाने के लिए मिले 13,443 Form-7 आवेदनों में से अकेले चतरा विधानसभा क्षेत्र से 4,790 आवेदन दर्ज हुए, जो राज्य में मिले कुल Form-7 आवेदनों का करीब 36 प्रतिशत है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, चतरा के आंकड़ों का जिला प्रशासन के साथ सत्यापन किया गया और किसी अनियमितता की बात सामने नहीं आई। उन्होंने यह भी बताया कि बूथ परिवर्तन और युक्तिकरण से जुड़े Form-8 के कारण कुछ मामलों में Form-7 की प्रविष्टियां स्वतः बन सकती हैं।
19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्धारित संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया के बाद 19 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इससे पहले निर्वाचन विभाग लंबित आवेदनों, नोटिस और सत्यापन से जुड़े मामलों को निपटाने की प्रक्रिया पूरी करेगा।




