चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट, मिल भाव 67 से घटकर 55 रुपये किलो; जानें थोक-खुदरा रेट

0
114
Share This Post
सरकार की सख्ती और 10 लाख टन आयात की मंजूरी का असर, मिल भाव में करीब 18% की कमी; फिलहाल खुदरा बाजार में राहत का इंतजार

नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही चीनी की कीमतों को लेकर अब राहत की खबर सामने आई है। सरकार की ओर से चीनी आयात को मंजूरी देने और जमाखोरी व सट्टेबाजी पर सख्ती के बाद मिल स्तर पर चीनी की कीमतों में करीब 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले सप्ताह जहां चीनी का मिल भाव बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर करीब 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। हालांकि, इसका असर अभी खुदरा बाजार में दिखाई नहीं दिया है।

67 रुपये से घटकर 55 रुपये हुआ मिल भाव

पिछले सप्ताह चीनी मिलों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी के बाद मिल भाव रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। अब इसमें करीब 18 फीसदी की कमी आई है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के मुताबिक, चीनी की कीमतों में पिछला उछाल बुनियादी कारणों पर आधारित नहीं था। देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आने वाले दिनों में मिल भाव में और गिरावट की संभावना है।

अभी थोक और खुदरा बाजार में कितना भाव?

24 अगस्त तक उपलब्ध औसत आंकड़ों के अनुसार चीनी के दाम इस प्रकार हैं—

  • मिल भाव: करीब 55 रुपये प्रति किलो
  • थोक भाव: 58.29 रुपये प्रति किलो
  • खुदरा भाव: 63.05 रुपये प्रति किलो

यानी फिलहाल मिल स्तर पर कीमत कम हो चुकी है, लेकिन आम ग्राहकों को खुदरा बाजार में इसका सीधा फायदा मिलना बाकी है।

मिल से दुकान तक कितना बढ़ जाता है भाव?

आमतौर पर मिल भाव और थोक कीमत के बीच करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो का अंतर रहता है। वहीं मिल भाव से खुदरा कीमत तक पहुंचने पर यह अंतर करीब 7 से 8 रुपये प्रति किलो तक हो सकता है। ऐसे में अगर मिल स्तर पर कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी चीनी सस्ती होने की उम्मीद है।

सरकार ने उठाए ये बड़े कदम

कीमतों में अचानक आई तेजी पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है। इसके अलावा बड़े खरीदारों और मिठाई व खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों के लिए चीनी के स्टॉक की सीमा तय की गई है। जमाखोरी और कीमतों की कृत्रिम बढ़ोतरी पर नजर रखने के लिए देशभर में फ्लाइंग स्क्वाड भी तैनात किए गए हैं।

NFCSF के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवरे के मुताबिक, फिलहाल किसी भी राज्य में मिल स्तर पर चीनी का भाव 55 रुपये प्रति किलो से ज्यादा नहीं है। सरकार के हस्तक्षेप से कीमतों में तेजी को रोकने में मदद मिली है और आने वाले दिनों में मिल भाव में और कमी की संभावना है।

देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक

वर्ष 2025-26 के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर करीब 306 लाख टन किया गया है। इसके बावजूद देश में घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया जा रहा है।

देश में सालाना चीनी की खपत करीब 280 से 285 लाख टन रहने का अनुमान है। ऐसे में फिलहाल आपूर्ति को लेकर बड़ी चिंता नहीं है। आने वाले दिनों में मिल भाव में और गिरावट आती है तो इसका असर धीरे-धीरे थोक और फिर खुदरा बाजार में भी देखने को मिल सकता है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here