8 अगस्त को लाभुकों को वन अधिकार पट्टे वितरित करने की तैयारी, सभी जिलों के उपायुक्तों को लंबित दावों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश।

रांची: झारखंड सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 8 अगस्त को पात्र लाभुकों के बीच वन अधिकार पट्टों का वितरण करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को लंबित दावों का जल्द से जल्द निपटारा करने और प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी निर्देश के बाद कल्याण विभाग के सचिव ने सभी उपायुक्तों को पत्र भेजकर कहा है कि जिन वन पट्टा मामलों का निपटारा अभी तक नहीं हो पाया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इन मामलों की निगरानी आदिवासी कल्याण आयुक्त स्तर पर की जा रही है, ताकि समय पर लाभुकों को पट्टा उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार की योजना है कि वन अधिकार पट्टों का वितरण मुख्यमंत्री के हाथों कराया जाए। इसी उद्देश्य से सभी जिलों को अधिक से अधिक पात्र लाभुकों के व्यक्तिगत और सामुदायिक वन पट्टा आवेदनों का सत्यापन और अनुमोदन शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृत मामलों की जानकारी विभाग और आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी, जिसके बाद राज्य स्तरीय रूपरेखा तैयार की जाएगी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 10,500 व्यक्तिगत वन पट्टा आवेदनों के साथ-साथ करीब 4,451 सामुदायिक वन पट्टा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मामलों पर कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार अनुमंडल स्तरीय समिति (SDLC) और जिला स्तरीय समिति (DLC) के स्तर पर अभी भी लगभग 1,400 व्यक्तिगत वन पट्टा मामलों का निपटारा लंबित है। सरकार चाहती है कि इन सभी मामलों का समाधान विश्व आदिवासी दिवस से पहले कर लिया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर अधिकार पत्र सौंपे जा सकें। वन अधिकार पट्टा वितरण अभियान को राज्य सरकार आदिवासी समुदायों के अधिकारों को मजबूत करने और वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को कानूनी मान्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

