कोडरमा में पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, बारिश भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की आस्था

0
40
Share This Post

इस्कॉन के तत्वावधान में निकली ऐतिहासिक रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, 40 फीट ऊंचा आधुनिक रथ बना आकर्षण का केंद्र, पूरे शहर में गूंजा हरिनाम संकीर्तन।

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में सोमवार को इतिहास रचा गया, जब अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के तत्वावधान में पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस ऐतिहासिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद तेज बारिश होने लगी, लेकिन मौसम की चुनौती भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को कम नहीं कर सकी। बारिश में भीगते हुए भक्त “जय जगन्नाथ”, “हरे कृष्ण”, “हरे राम” और हरिनाम संकीर्तन के साथ पूरे मार्ग में भगवान का रथ खींचते रहे।

सुभाष चौक से संकट मोचन मंदिर तक निकली यात्रा

रथ यात्रा की शुरुआत झुमरी तिलैया के सुभाष चौक से हुई। मुख्य अतिथि के रूप में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। विशेष बात यह रही कि विधायक डॉ. नीरा यादव पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के साथ रथ खींचते हुए शामिल रहीं। यात्रा सुभाष चौक से स्टेशन रोड, झंडा चौक, पूर्णिमा टॉकीज, काली मंदिर, महाराणा प्रताप चौक और मौसीबाड़ी होते हुए संकट मोचन मंदिर पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

फूलों की वर्षा और भक्ति से सराबोर हुआ शहर

रथ यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी, पुष्प वर्षा की और जयघोष के साथ रथ का स्वागत किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आरती कर भगवान का अभिनंदन किया। भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन और धार्मिक झांकियों ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। बारिश के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह से रथ खींचते रहे और आस्था का अद्भुत उदाहरण पेश किया।

जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर

इस्कॉन हजारीबाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. केशव आनंद दास ने कहा कि कोडरमा की पावन भूमि पर पहली बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और भी भव्य रूप लेगा।

विधायक डॉ. नीरा यादव ने इसे जिले के इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए भगवान जगन्नाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक परंपरा भविष्य में और अधिक व्यापक रूप से आगे बढ़ेगी तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करेगी।

पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, सेवा और समरसता का संदेश देने वाला महापर्व है। उनके अनुसार यह आयोजन कोडरमा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।

40 फीट ऊंचा आधुनिक रथ बना आकर्षण का केंद्र

रथ यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण लगभग 40 फीट ऊंचा अत्याधुनिक रथ रहा। विशेष तकनीक से तैयार इस रथ की ऊंचाई आवश्यकता पड़ने पर लगभग 16 फीट तक कम की जा सकती थी। लगभग 12 फीट चौड़े इस रथ को जापानी सिल्क से सजाया गया था। इसके शीर्ष पर तीन फीट ऊंचा सुदर्शन चक्र स्थापित था, जबकि सामने चार घोड़ों की आकर्षक प्रतिकृतियां इसकी भव्यता को और बढ़ा रही थीं।

रथ के दोनों ओर लगभग 100 से 150 फीट लंबी रस्सियां लगाई गई थीं, जिन्हें हजारों श्रद्धालुओं ने मिलकर खींचा।

सामाजिक संगठनों ने संभाली व्यवस्थाएं

रथ यात्रा के सफल आयोजन में विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), रोटरी क्लब, गायत्री परिवार, प्रेरणा शाखा, अनिता यादव वेलफेयर फाउंडेशन, वैश्य हलवाई समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने सक्रिय सहयोग दिया।

यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पुष्प वर्षा, आरती, शरबत, शुद्ध पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई। महाराणा प्रताप चौक पर मारवाड़ी युवा मंच की ओर से खिचड़ी प्रसाद, शरबत और पेयजल का वितरण किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के साथ जिले के कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

रथ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सुभाष चौक से लेकर पूरे यात्रा मार्ग तक पुलिस बल की तैनाती रही और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की गई। हालांकि यात्रा के दौरान दो से तीन महिलाओं ने चेन चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कोडरमा में पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक उत्सव का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आई। बारिश के बावजूद उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों की श्रद्धा हर परिस्थिति से कहीं अधिक मजबूत है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here