डिजिटल लोकल पास और AI आधारित MargMitra हेल्प सेंटर लॉन्च, FASTag, शिकायत, रिफंड और टोल पास जैसी सेवाएं अब एक ही ऐप पर उपलब्ध।

नई दिल्ली: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने हाईवे यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए अपने RajmargYatra मोबाइल ऐप में दो नई सुविधाएं शुरू की हैं। इनमें डिजिटल लोकल टोल पास और AI आधारित MargMitra हेल्प सेंटर शामिल हैं। इन नए फीचर्स के जरिए अब कई जरूरी सेवाओं का लाभ लोग घर बैठे अपने मोबाइल फोन से ही उठा सकेंगे।
अब टोल प्लाजा जाने की नहीं होगी जरूरत
नई सुविधा के तहत पात्र नागरिक अब टोल प्लाजा जाकर दस्तावेज जमा किए बिना ही RajmargYatra ऐप के माध्यम से मासिक अनलिमिटेड ट्रैवल वाला डिजिटल लोकल पास खरीद सकेंगे। यह सुविधा उन वाहन मालिकों के लिए है जो किसी पात्र टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं।
पहले लोकल टोल पास बनवाने के लिए लोगों को टोल प्लाजा पर जाकर आवेदन और दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।
ऐसे होगी पात्रता की जांच
लोकल पास जारी करने के लिए RajmargYatra ऐप उपयोगकर्ता की सहमति से DigiLocker और VAHAN प्लेटफॉर्म से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगा। इसके जरिए आवेदक का पता, वाहन का पंजीकरण नंबर और संबंधित FASTag की जानकारी स्वतः सत्यापित हो जाएगी।
इसके बाद GIS आधारित लोकेशन वेरिफिकेशन के माध्यम से यह जांच की जाएगी कि आवेदक वास्तव में संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की सीमा के भीतर रहता है या नहीं। इस डिजिटल प्रक्रिया से कागजी कार्रवाई की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी।
फिलहाल इस सुविधा की शुरुआत दिल्ली के Urban Extension Road-II स्थित Mundka–Bakkarwala Toll Plaza से की गई है। NHAI का कहना है कि आने वाले महीनों में इसे देश के अन्य पात्र टोल प्लाजाओं पर भी लागू किया जाएगा।
क्या है MargMitra हेल्प सेंटर?
RajmargYatra ऐप में जोड़ा गया MargMitra एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित हेल्प सेंटर है। इसकी मदद से हाईवे उपयोगकर्ता अपनी शिकायत, सुझाव या सवाल भारत की 22 अनुसूचित भाषाओं में लिखकर या बोलकर दर्ज करा सकते हैं।
इस हेल्प सेंटर का उद्देश्य यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर हाईवे से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराना है।
एक ही ऐप में मिलेंगी कई सुविधाएं
MargMitra के माध्यम से उपयोगकर्ता FASTag रिचार्ज, KYC अपडेट और ब्लैकलिस्ट स्टेटस की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा लोकल पास और एनुअल पास से जुड़े सवाल पूछने, रिफंड की स्थिति देखने और शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी।
ऐप के जरिए दर्ज की गई शिकायतों की प्रगति रियल टाइम में ट्रैक की जा सकेगी। यदि किसी मामले में संबंधित विभाग की कार्रवाई आवश्यक होगी, तो शिकायत स्वतः संबंधित अधिकारियों तक भेज दी जाएगी। समाधान से असंतुष्ट होने पर उपयोगकर्ता ऐप के माध्यम से अपील भी कर सकेंगे।
इसके अलावा सड़क पर खड़े खराब वाहन, अतिक्रमण, सुरक्षा संबंधी समस्याओं और लंबित e-Notice जैसी जानकारियां भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
80 लाख से अधिक एनुअल पास पहले ही जारी
NHAI के अनुसार RajmargYatra ऐप के माध्यम से अब तक 80 लाख से अधिक एनुअल पास रियल टाइम एक्टिवेशन के साथ जारी किए जा चुके हैं। यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
नई डिजिटल सुविधाओं के जुड़ने से हाईवे यात्रियों को अब टोल पास, FASTag, शिकायत निवारण, रिफंड और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं होगी। NHAI का मानना है कि इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों का अनुभव पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक बनेगा।

