AI और डिजिटल गवर्नेंस से बदलेगा झारखंड, सरकार ने Vision 2050 का नया ब्लूप्रिंट किया पेश

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नई दिल्ली: झारखंड सरकार ने राज्य को डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान सरकार ने Vision 2050 के तहत डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को लेकर विस्तृत रोडमैप पेश किया।

सरकार का कहना है कि इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं में AI आधारित तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज, जवाबदेह और डेटा आधारित बनाना है, ताकि लोगों को आधुनिक और बेहतर सरकारी सेवाएं मिल सकें।

AI Policy 2026-2031 का खाका भी किया पेश

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तावित झारखंड AI Policy 2026-2031 की रूपरेखा भी साझा की गई। इस नीति के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खनन, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में AI आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि डेटा सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग इस नीति की प्राथमिकता होंगे।

बेहतर प्रशासन के लिए सरकार ने Chief Minister Data Intelligence Platform (CM-DIP) विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। यह AI आधारित प्लेटफॉर्म सरकारी योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा। साथ ही बहुभाषी डिजिटल सेवाएं, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सुविधाएं, ऑनलाइन शिकायत निवारण और पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

बैठक में तीन प्रमुख AI परियोजनाओं CM-DIP, Health & Nutrition Vigilance System (HNVS) और Critical Minerals Administration System (CMAS) पर विशेष जोर दिया गया। इन पहलों के जरिए शासन, स्वास्थ्य सेवाओं और खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा एनालिटिक्स और AI तकनीक से अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।

AI इकोसिस्टम विकसित करने पर रहेगा फोकस

सरकार ने State AI Mission, Jharkhand AI Cloud, AI Innovation Hub, AI Park, AI Innovation Zones, Centres of Excellence और एकीकृत स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की घोषणा की। इन पहलों से अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति मिलेगी।

इस डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार और सरकारी विभागों में AI तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने में खर्च की जाएगी।

रांची में बनेगा आधुनिक IT Park

सरकार ने रांची में 100.97 एकड़ में अत्याधुनिक IT Park विकसित करने की योजना भी साझा की। यहां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को स्थापित करने की तैयारी है। Vision 2050 के तहत सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश, 50 से ज्यादा GCC, 1,000 AI स्टार्टअप्स और 1 लाख से अधिक AI आधारित रोजगार सृजित करना है।

रोडमैप में AI शिक्षा, एडवांस स्किल डेवलपमेंट, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी और सरकारी अधिकारियों व युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

सरकार ने टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों से झारखंड के साथ साझेदारी कर AI आधारित सुशासन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार कार्यक्रमों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग करने का आह्वान किया।

Vision 2050 के जरिए भविष्य की तैयारी

सरकार का मानना है कि Vision 2050 झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करेगा। AI, नवाचार, नीति सुधार और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को मजबूत करते हुए राज्य को डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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