Nitish Kumar: जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान काम में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को समय पर कार्य पूरा करने की सख्त हिदायत दी।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सोमवार को बिना किसी पूर्व सूचना के पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। उनके अचानक दौरे से कार्यालय में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान लंबित कार्यों और कामकाज में देरी देखकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के सामने ही नाराजगी जाहिर की।
कामकाज में देरी पर जताई नाराजगी
कार्यालय का जायजा लेने के दौरान नीतीश कुमार ने संगठन के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जब उन्हें कई काम लंबित मिले तो उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से कहा, “मेरे कहने के बाद भी काम नहीं हो रहा, इसका क्या मतलब है?” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद कार्यालय में कुछ देर के लिए माहौल गंभीर हो गया।
व्यवस्थाओं और फाइलों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार ने कार्यालय की व्यवस्थाओं, फाइलों के रख-रखाव और विभिन्न विभागों के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने विभागीय प्रभारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी और संगठन से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
लंबित मामलों पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि संगठन के भीतर किसी भी स्तर पर लंबित मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
अचानक दौरे से मची अफरा-तफरी
बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री के कार्यालय पहुंचने से जेडीयू प्रदेश कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई नेता और कर्मचारी जल्दबाजी में अपनी सीटों पर लौटे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के प्रभारियों से उनके कार्यों की स्थिति की जानकारी भी ली।

