30 नगर निकायों ने जलापूर्ति और कनेक्शन शुल्क की समीक्षा रिपोर्ट सौंपी, सभी 49 निकायों में नई दरें लागू होने की संभावना

रांची: झारखंड के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को आने वाले दिनों में नया वाटर कनेक्शन लेने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। राज्य सरकार जल कनेक्शन शुल्क में संशोधन की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि, अभी नई दरों को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, राज्य के 30 नगर निकायों ने पिछले तीन वर्षों में अपने-अपने क्षेत्रों में वाटर कनेक्शन और जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिति को लेकर समीक्षा रिपोर्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंप दी है।
इन रिपोर्टों में जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी मौजूदा स्थिति, कनेक्शन शुल्क और रखरखाव समेत कई पहलुओं की जानकारी दी गई है। अब विभाग इन आंकड़ों का अध्ययन कर रहा है और इसी आधार पर वाटर कनेक्शन शुल्क में बदलाव की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
नगर निकायों का कहना है कि मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था को संचालित करने और उसका रखरखाव करने में लगातार खर्च बढ़ रहा है। इसके अलावा पाइपलाइन और अन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ लोगों को नियमित जलापूर्ति उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है।
इसी को ध्यान में रखते हुए वाटर कनेक्शन शुल्क में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि नई दरें कितनी होंगी और मौजूदा शुल्क में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी।
सभी 49 नगर निकायों पर पड़ सकता है असर
अगर शुल्क संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इसका असर राज्य के सभी 49 नगर निकायों पर पड़ सकता है। यानी शहरी क्षेत्रों में नया वाटर कनेक्शन लेने वाले लोगों को नई दर के हिसाब से भुगतान करना पड़ सकता है।
फिलहाल 30 नगर निकायों से मिली रिपोर्ट और आंकड़ों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद राज्य स्तर पर अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और उसी के आधार पर नई दरों को लेकर फैसला लिया जाएगा।
यानी फिलहाल उपभोक्ताओं को बढ़े हुए शुल्क का भुगतान नहीं करना है, लेकिन अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो आने वाले समय में नया वाटर कनेक्शन लेना महंगा हो सकता है।

