NPCI के CEO दिलीप असबे ने Voice-based Payment को लेकर बताया प्लान, बड़े स्तर पर इस्तेमाल के लिए AI सिस्टम और टेक्नोलॉजी में निवेश जरूरी

मुंबई: UPI Payment को लेकर आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। NPCI के MD और CEO दिलीप असबे ने Voice-based Payment को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में Artificial Intelligence यानी AI की मदद से UPI से पेमेंट करने का तरीका और आसान बनाया जा सकता है।
बोलकर पेमेंट करने की दिशा में बढ़ रहा काम
Voice Payment की सुविधा को आगे बढ़ाने के लिए NPCI की ओर से काम किया जा रहा है। हालांकि, इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने के लिए सिर्फ वॉयस कमांड पर्याप्त नहीं होगी। इसके लिए मजबूत AI सिस्टम और जरूरी तकनीकी ढांचे की जरूरत होगी।
दिलीप असबे के मुताबिक, इस पूरे इकोसिस्टम को तैयार करने में टेक्नोलॉजी कंपनियों और अन्य भागीदारों की भी अहम भूमिका होगी।
कंपनियां AI टेक्नोलॉजी में कर रही हैं निवेश
NPCI CEO ने बताया कि संस्था Voice-based Payment को लेकर पूरे इकोसिस्टम के साथ काम कर रही है। आने वाले समय में कंपनियां इस क्षेत्र में AI आधारित समाधान विकसित करने और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर निवेश कर सकती हैं। कुछ बड़ी कंपनियों की ओर से Voice Payment और फीचर फोन के जरिए डिजिटल भुगतान को बेहतर बनाने के लिए निवेश शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
फीचर फोन यूजर्स को भी मिल सकता है फायदा
Voice-based Payment का इस्तेमाल बढ़ने से उन लोगों को भी फायदा मिल सकता है, जो स्मार्टफोन के बजाय फीचर फोन इस्तेमाल करते हैं। ऐसे यूजर्स के लिए डिजिटल पेमेंट को ज्यादा आसान और सुलभ बनाने पर भी काम किया जा रहा है।
UPI Payment का अनुभव हो सकता है आसान
अगर Voice Payment से जुड़ी तकनीक बड़े स्तर पर लागू होती है, तो भविष्य में यूजर्स को हर बार स्क्रीन पर कई विकल्प चुनने की जरूरत कम हो सकती है। AI और वॉयस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से भुगतान प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इसे बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले सुरक्षा, सही वॉयस पहचान और तकनीकी ढांचे से जुड़े पहलुओं को मजबूत करना जरूरी होगा।




