UPI Payment देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों UPI यूजर्स के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार बड़े कारोबारी UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की संभावना पर विचार कर रही है . प्रस्ताव के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के बिजनेस UPI भुगतान पर 0.25% से 0.40% तक का प्रोसेसिंग चार्ज लगाया जा सकता है . हालांकि, आम लोगों के बीच होने वाले व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI ट्रांसफर पर किसी तरह का शुल्क लगाने का प्रस्ताव नहीं है .
सरकार की ओर से अभी तक MDR लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है . इसके लिए आगे अधिसूचना और RBI के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही अंतिम फैसला लागू होगा .
UPI Payment पर MDR: सरकार क्यों कर रही है विचार?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया है . इस UPI Payment विधेयक में उस प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव है, जो बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को कुछ अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों पर MDR लेने से रोकता है .
वर्तमान में UPI Payment और RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान पर कोई MDR नहीं लिया जाता . सरकार का मानना है कि UPI Payment का उपयोग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है, इसलिए डिजिटल भुगतान नेटवर्क संचालित करने वाली कंपनियों के लिए एक स्थायी राजस्व मॉडल तैयार करने की आवश्यकता है .
UPI Payment: किन ट्रांजैक्शन पर पड़ सकता है असर?
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका प्रभाव मुख्य रूप से बड़े कारोबारी लेनदेन पर पड़ेगा .
| पेमेंट का प्रकार | संभावित प्रभाव |
|---|---|
| व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI ट्रांसफर | कोई चार्ज नहीं |
| ₹2,000 तक के छोटे भुगतान | असर की संभावना बेहद कम |
| ₹2,000 से अधिक के बिजनेस UPI पेमेंट | MDR लागू हो सकता है |
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन संख्या के हिसाब से कुल लेनदेन का लगभग 5% हैं, लेकिन इनकी हिस्सेदारी कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में करीब 65% है . इसी कारण सरकार का फोकस बड़े मूल्य वाले व्यावसायिक भुगतान पर है .
UPI Payment: क्या रोजमर्रा के खर्च महंगे होंगे?
सरकार का कहना है कि यदि MDR लागू भी किया जाता है, तो इसका असर आम लोगों के दैनिक खर्चों पर नहीं पड़ेगा . दूध, सब्जी, किराना, ऑटो, टैक्सी और छोटे दुकानदारों को किए जाने वाले सामान्य UPI भुगतान पहले की तरह बिना अतिरिक्त शुल्क के जारी रहने की संभावना है .
आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में UPI Payment के माध्यम से 23.7 अरब ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब ₹29.9 लाख करोड़ रही . सरकार का अनुमान है कि MDR लागू होने की स्थिति में भी लगभग 95% UPI ट्रांजैक्शन इससे प्रभावित नहीं होंगे .
UPI Payment: क्या ग्राहकों को देना होगा अतिरिक्त शुल्क?
MDR का भुगतान सीधे ग्राहक नहीं, बल्कि व्यापारी या कारोबारी करते हैं . हालांकि, कुछ मामलों में कारोबारी इस अतिरिक्त लागत को वस्तुओं या सेवाओं की कीमत में जोड़कर ग्राहकों से वसूल सकते हैं .
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार MDR की अधिकतम सीमा तय कर सकती है, ताकि कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और UPI Payment को भी बढ़ावा मिलता रहे .
UPI Payment: अनुमानित राजस्व और संभावित लाभार्थी
Jefferies की एक रिपोर्ट के अनुसार, UPI Payment पर MDR लागू होने से पेमेंट इंडस्ट्री को ₹5,000 से ₹10,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व हो सकता है . इससे Paytm और Pine Labs जैसी कंपनियों को फायदा हो सकता है .
UPI Payment: आगे क्या?
गौरतलब है कि जनवरी 2020 में सरकार ने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए UPI Payment और RuPay डेबिट कार्ड पर MDR समाप्त कर दिया था . अब UPI Payment के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए सरकार नए शुल्क ढांचे पर विचार कर रही है . हालांकि, अंतिम निर्णय अधिसूचना जारी होने और RBI के दिशा-निर्देशों के बाद ही लागू होगा .
बाहरी संसाधन
- National Payments Corporation of India (NPCI): https://www.npci.org.in
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): https://www.rbi.org.in
- वित्त मंत्रालय, भारत सरकार: https://finmin.nic.in


