Tax Amendment Bill 2026 केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया . इस Tax Amendment Bill 2026 के जरिए टैक्स व्यवस्था में कई अहम बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का कहना है कि इस Tax Amendment Bill 2026 का उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना, भारत में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देना, कारोबार को आसान बनाना और टैक्स नियमों में अधिक पारदर्शिता व स्पष्टता लाना है .
सरकार के अनुसार, Tax Amendment Bill 2026 Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 का स्थान लेकर स्थायी कानून का रूप लेगा . इसके साथ ही वित्त अधिनियम, 2026 के बाद विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों को भी इसमें शामिल किया गया है .
सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता और सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को देखते हुए टैक्स ढांचे में सुधार आवश्यक हो गया है .
Tax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों और ऑफशोर फंड को मिलेगी राहत
Tax Amendment Bill 2026 में ऑफशोर इन्वेस्टमेंट फंड और उनके फंड मैनेजरों से जुड़े टैक्स नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है . सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक फंड मैनेजमेंट का प्रमुख केंद्र बनाना है .
प्रस्तावित बदलावों के तहत:
- 13 शर्तें घटकर 5 रह गईं: ऑफशोर फंड को टैक्स छूट के लिए 13 शर्तें पूरी करनी थीं, जिन्हें घटाकर 5 कर दिया गया है .
- न्यूनतम निवेशक संख्या की शर्त हटी: अब फंड में 25 निवेशक होने की अनिवार्यता नहीं रहेगी .
- एकल निवेशक की सीमा हटी: एक निवेशक का 10% से अधिक निवेश नहीं करने की शर्त हटाई गई है .
- ₹100 करोड़ की न्यूनतम कोष सीमा हटी: फंड का न्यूनतम ₹100 करोड़ का कोष होना अनिवार्य नहीं रहेगा .
- सहयोगी संस्थाओं में निवेश की सीमा हटी: फंड को अब सहयोगी संस्थाओं में निवेश की सीमा का पालन नहीं करना होगा .
Tax Amendment Bill 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
Tax Amendment Bill 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है . पहले यह छूट वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2041 तक करने की योजना है .
| प्रावधान | पुराना | नया |
|---|---|---|
| टैक्स छूट अवधि | 2030-31 तक | 2040-41 तक (10 साल का विस्तार) |
| लागू उत्पाद | सामान्य इलेक्ट्रॉनिक्स | स्पेसिफाइड इलेक्ट्रॉनिक गुड्स (स्पष्ट परिभाषा) |
“स्पेसिफाइड इलेक्ट्रॉनिक गुड्स” की परिभाषा में अब शामिल हैं :
- मोबाइल फोन
- लैपटॉप, ऑल-इन-वन पीसी और टैबलेट
- सर्वर और अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर (USFF)
- हियरेबल्स और वियरेबल्स
- इनसे जुड़े एक्सेसरीज़ और सब-असेंबली
सरकार का कहना है कि इससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को गति मिलेगी और विदेशी कंपनियां भारतीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के साथ अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगी .
Tax Amendment Bill 2026: डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं को राहत
Tax Amendment Bill 2026 में डेटा सेंटर सेवाओं के लिए टैक्स नियमों को उदार बनाने का प्रस्ताव है :
- अधिसूचना की आवश्यकता हटी: विदेशी कंपनी और डेटा सेंटर को अलग-अलग अधिसूचित करने की आवश्यकता समाप्त की गई है .
- लीज आधारित संचालन की अनुमति: इंडियन कंपनियां अब डेटा सेंटर को खरीदने के अलावा लीज पर भी संचालित कर सकेंगी .
Tax Amendment Bill 2026: डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में बदलाव
Tax Amendment Bill 2026 में Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव है :
- नोटिफाइड डिजिटल पेमेंट मोड: केंद्र सरकार ऐसे इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड अधिसूचित कर सकेगी, जिन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगा सकेंगे .
- UPI MDR (Merchant Discount Rate): विधेयक में MDR पर प्रतिबंध हटाने और सरकार द्वारा अधिसूचित मोड को छोड़कर अन्य डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है .
Tax Amendment Bill 2026: सरकारी बॉन्ड और डायमंड सेक्टर के लिए भी प्रस्ताव
Tax Amendment Bill 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और Bank for International Settlements (BIS) को सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है . इसके अलावा, विदेशी डायमंड माइनिंग कंपनियों, ब्रोकर्स, एग्रीगेटर्स और नीलामी संस्थाओं को नोटिफाइड स्पेशल जोन में रफ डायमंड की बिक्री पर 31 मार्च 2041 तक टैक्स छूट का प्रस्ताव है .
Tax Amendment Bill 2026: REITs और InvITs में बदलाव
Tax Amendment Bill 2026 में बिजनेस ट्रस्ट (REITs और InvITs) के यूनिट होल्डर्स को मिलने वाले डिविडेंड पर टैक्स नियमों में बदलाव का प्रस्ताव है :
- पुरानी स्थिति: डिविडेंड तभी टैक्स-फ्री था जब SPV पुरानी टैक्स व्यवस्था में था .
- नया प्रस्ताव: अब SPV नई टैक्स व्यवस्था में होने पर भी यूनिट होल्डर्स को डिविडेंड पर टैक्स छूट मिलेगी .
- सरचार्ज में बढ़ोतरी: इस नुकसान की भरपाई के लिए SPVs पर सरचार्ज 10% से बढ़ाकर 25% करने का प्रस्ताव है .
Tax Amendment Bill 2026: आगे क्या?
Tax Amendment Bill 2026 अब संसदीय प्रक्रिया से गुजरेगा। यदि संसद से मंजूरी मिलती है, तो यह Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 का स्थान लेगा . सरकार का कहना है कि इन प्रस्तावों के लागू होने से निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल पेमेंट और कारोबार के माहौल को नई गति मिलने की उम्मीद है .
बाहरी संसाधन
- वित्त मंत्रालय, भारत सरकार: https://finmin.nic.in
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): https://www.rbi.org.in
- Income Tax Department: https://www.incometax.gov.in
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