झारखंड में विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की बहाली को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी . उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को पत्र भेजकर शैक्षणिक पदों की भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने का निर्देश दिया है, जिसके बाद अब सारी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय सेवा आयोग को सौंप दी गई है .
University Service Commission को 6,524 पदों की जिम्मेदारी
सरकार ने राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों के 5,173 पदों का पुनर्गठन किया है और 1,351 नए पदों का सृजन किया गया है . पुनर्गठन के बाद अब शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 6,524 हो गई है . यह सारी जिम्मेदारी अब विश्वविद्यालय सेवा आयोग को सौंपी गई है, जो इन सभी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को अंजाम देगा .
झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग में एक अध्यक्ष, सदस्य (प्रशासन) और तीन अन्य सदस्य होंगे, जिनकी अवधि क्रमशः पांच, चार और तीन वर्ष होगी . आयोग न केवल शिक्षकों की बहाली करेगा, बल्कि गैर-शैक्षणिक पदों, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, वित्त अधिकारी और कॉलेजों के प्राचार्यों की नियुक्ति की जिम्मेदारी भी निभाएगा .
जेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया पर रोक
इस फैसले से पहले झारखंड लोक सेवा आयोग राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती करता था . हालांकि, अब नई व्यवस्था लागू होने तक जेपीएससी के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया है . सरकार ने कहा है कि नई भर्ती प्रक्रिया रोस्टर क्लियरेंस पूरी होने के बाद ही शुरू की जाएगी .
राज्य सरकार का कहना है कि आयोग बनने से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे शिक्षकों को समय पर नियुक्ति और पदोन्नति मिल सकेगी .
बाहरी संसाधन
झारखंड उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.jharkhand.gov.in/higher-education
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