Jharkhand Third Rail Line: Train Operations में सुधार, कोयला ढुलाई दोगुनी, धनबाद-बरवाडीह प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

0
96
Share This Post

Train Operations: धनबाद-बरवाडीह थर्ड रेल लाइन का महत्व

झारखंड के धनबाद मंडल के बरवाडीह रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। इस परियोजना के पूरा होने पर Train Operations (ट्रेन संचालन) में उल्लेखनीय सुधार होगा और कोयला ढुलाई दोगुनी हो जाएगी 

बरवाडीह रेलखंड ईसीआर (पूर्व मध्य रेलवे) के सीआईसी (कोल इंडिया कॉरिडोर) सेक्शन का हिस्सा है, जिसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है । इसी मार्ग से बड़ी मात्रा में कोयले की ढुलाई विभिन्न राज्यों के बिजली संयंत्रों और उद्योगों तक की जाती है 

वर्तमान में इस रेलखंड पर डबल लाइन होने के कारण Train Operations (ट्रेन संचालन) में कई चुनौतियां हैं। मालगाड़ियों का दबाव अधिक होने से यात्री ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता है और कई बार ट्रेनें विलंब से चलती हैं 


Train Operations में सुधार: थर्ड रेल लाइन से क्या बदलेगा?

तीसरी रेल लाइन बनने के बाद Train Operations (ट्रेन संचालन) में निम्नलिखित सुधार होंगे :

पहलूवर्तमान स्थितितीसरी लाइन के बाद
मालगाड़ियों की क्षमतासीमित, दबाव अधिकदोगुनी हो जाएगी
यात्री ट्रेनों की समयबद्धताविलंब की समस्यासुधार होगा
स्पीड (गति)औसत गति कम100 किमी/घंटा तक संभव
सिग्नलिंग सिस्टमपारंपरिकआधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग

Train Operations (ट्रेन संचालन) को बेहतर बनाने के लिए इस परियोजना में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (Electronic Interlocking) जैसी आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और मजबूत कंक्रीट स्लीपर्स का उपयोग किया जा रहा है । इससे भारी मालगाड़ियां सुरक्षित तरीके से अधिक गति, लगभग 100 किमी प्रति घंटे तक संचालित की जा सकेंगी 

रेलवे के Train Operations (ट्रेन संचालन) में डिस्पैच सेंटर (dispatch center) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो वास्तविक समय में ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित करते हैं । थर्ड लाइन के बाद डिस्पैचर्स को Train Operations (ट्रेन संचालन) को और अधिक कुशलता से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।


कोयला ढुलाई को मिलेगा बड़ा लाभ

कोयला ढुलाई में सुधार के लिए ट्रेन ऑपरेशंस (Train Operations) को मजबूत करना आवश्यक है । सरकार ने कोयला आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  1. फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (FMC) प्रोजेक्ट्स: कोयला निकासी को अधिक कुशल बनाने के लिए मशीनीकृत लोडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है । 39 FMC प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 386 मिलियन टन है 
  2. रेल-सी-रेल (RSR) मोड: कोयला परिवहन के लिए रेल-सी-रेल मार्ग को बढ़ावा दिया जा रहा है । दो वर्षों में RSR मोड से कोयला परिवहन 28 मिलियन टन से बढ़कर 54 मिलियन टन हो गया है 
  3. रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार: कोयला निकासी के लिए रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है 

रेलवे मानक और Train Operations

Train Operations (ट्रेन संचालन) के लिए रेलवे ने कई तकनीकी मानक निर्धारित किए हैं :

पैरामीटरमानक
मालगाड़ी की औसत गति24-30 किमी/घंटा
यात्री ट्रेन की अधिकतम गति130-180 किमी/घंटा
ब्रेक पावर सर्टिफिकेट (यात्री)24 घंटे
ब्रेक पावर सर्टिफिकेट (माल)5500 किमी
न्यूनतम हेडवे (130 किमी/घंटा)4 मिनट
न्यूनतम हेडवे (160 किमी/घंटा)3 मिनट

थर्ड रेल लाइन परियोजना के तहत Train Operations (ट्रेन संचालन) को इन मानकों के अनुरूप बेहतर बनाया जाएगा।


निष्कर्ष

धनबाद-बरवाडीह तीसरी रेल लाइन परियोजना झारखंड के Train Operations (ट्रेन संचालन) को एक नई दिशा देगी। इससे कोयला ढुलाई दोगुनी होगी, यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी 

Palamu DC: एक फोन कॉल ने बदली गांव की तकदीर, बिजली-पानी-सड़क का काम शुरू, जानें पूरा मामला

Jagannathpur Rath Yatra 2026: CM Hemant Soren ने स्वीकारा निमंत्रण, 16 जुलाई से रांची में शुरू होगा भव्य रथ महोत्सव

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here