Wayanad Landslide: CCTV में कैद हुआ भयावह मंजर
केरल के वायनाड जिले से एक दिल दहला देने वाला Wayanad Landslide (भूस्खलन) का CCTV फुटेज सामने आया है। वीडियो में पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और मलबा तेज रफ्तार से नीचे आता दिखाई दे रहा है। इस दौरान एक भारी-भरकम टैंकर और कई अन्य वाहन मलबे के बहाव में बहते नजर आते हैं।
यह Wayanad Landslide वायनाड के मेप्पाडी क्षेत्र में मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां अनाक्कमपॉयल-कल्लाडी-मेप्पाडी ट्विन टनल परियोजना पर निर्माण कार्य चल रहा था। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया और देखते ही देखते सड़क, निर्माण स्थल और आसपास का इलाका मलबे की चपेट में आ गया।
Wayanad Landslide में मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई लापता
इस Wayanad Landslide में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 7 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। 9 लोगों को घायल अवस्था में बचाया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
एनडीआरएफ, फायर एंड रेस्क्यू तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मृतकों में मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के प्रवासी मजदूर शामिल हैं, जो टनल निर्माण परियोजना पर काम कर रहे थे।
Wayanad Landslide: मानव निर्मित आपदा का आरोप
इस Wayanad Landslide को लेकर केरल सरकार ने बड़ा आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और मंत्रियों ने इसे “मानव निर्मित आपदा” (man-made disaster) करार दिया है। उनका आरोप है कि टनल निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी को अवैज्ञानिक तरीके से ढेर किया गया था, जो बारिश में अस्थिर हो गई और भूस्खलन का कारण बनी।
क्या कहते हैं अधिकारी?
- सीएम वी.डी. सतीशन: “आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला कलेक्टर ने 20 जून को ही ठेकेदार को सारी मिट्टी हटाने का आदेश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया”।
- कृषि मंत्री टी. सिद्दीक: “यह प्राकृतिक भूस्खलन नहीं है। यह खुदाई की गई मिट्टी के अवैज्ञानिक ढेर के कारण हुआ है। यह मानव निर्मित आपदा है”।
वहीं, परियोजना के ठेकेदार दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड का कहना है कि 24 घंटे में 265 मिमी बारिश के कारण यह हादसा हुआ।
Wayanad Landslide: बचाव अभियान और राहत कार्य
Wayanad Landslide के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है:
- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और फायर सेवा की टीमें मौके पर तैनात हैं।
- स्निफर डॉग्स को भी लोगों की तलाश के लिए लगाया गया है।
- 142 लोगों को 42 परिवारों से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
- प्रभावित इलाके में रेड अलर्ट जारी होने के कारण सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है।
Wayanad Landslide: 2024 की त्रासदी की यादें ताजा
यह Wayanad Landslide वायनाड में 2024 में हुई भीषण भूस्खलन त्रासदी की यादें फिर ताजा कर गया है, जिसमें 300 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। मौजूदा हादसा चूरालमाला से महज 5 किलोमीटर दूर हुआ है, जो 2024 की त्रासदी का केंद्र था। इस Wayanad Landslide ने एक बार फिर पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी निर्माण परियोजनाओं के खतरों को उजागर किया है।
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