महंगी हुई चीनी तो खरीदारी पर भी लगी पाबंदी, Blinkit से DMart तक ग्राहकों के लिए तय हुई लिमिट

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एक महीने में औसत खुदरा भाव ₹48 से बढ़कर ₹65 प्रति किलो के पार, त्योहारों से पहले सप्लाई और बढ़ती मांग ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली: देश में चीनी की कीमतों में अचानक तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ती कीमतों और त्योहारों से पहले संभावित मांग को देखते हुए अब कई ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर चीनी की खरीद की मात्रा सीमित कर दी गयी है। Blinkit, BigBasket, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म के कुछ इलाकों में ग्राहक एक तय सीमा से अधिक चीनी नहीं खरीद पा रहे हैं।

वहीं, DMart और Reliance Retail जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स में भी कुछ जगहों पर प्रति ग्राहक खरीद की सीमा तय किये जाने की जानकारी सामने आयी है। हालांकि, चीनी उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि फिलहाल बाजार में स्टॉक पूरी तरह खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है।

एक महीने में 35% से ज्यादा बढ़ा खुदरा भाव

चीनी की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में तेजी काफी तेज रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई को चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48.18 प्रति किलो थी। 20 अगस्त तक यह बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गयी।

इसके बाद तेजी और बढ़ी और 26 अगस्त को देश में औसत खुदरा कीमत ₹65.05 प्रति किलो तक पहुंच गयी। यानी करीब एक महीने में कीमत में 35 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई। थोक बाजार में भी चीनी के दाम बढ़े हैं। यहां कीमत करीब ₹60.36 प्रति किलो बतायी जा रही है, जबकि एक महीने पहले यह लगभग ₹45 प्रति किलो थी।

क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीद की सीमा

चीनी की उपलब्धता और कीमतों के बीच कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने कुछ क्षेत्रों में खरीदारी सीमित कर दी है। हालांकि, लिमिट ब्रांड, पैक और लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग है।

  • Blinkit: दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में कुछ ब्रांड के 5 किलो पैक की खरीद एक ट्रांजैक्शन में एक पैक तक सीमित है।
  • BigBasket: कुछ ब्रांड के मामले में ग्राहक अधिकतम छह 1 किलो पैक तक खरीद सकते हैं।
  • Swiggy Instamart: कुछ इलाकों में एक ब्रांड के दो 1 किलो पैक, जबकि दूसरे ब्रांड के 5 किलो वाले पैक की संख्या भी सीमित की गयी है।
  • Zepto: कुछ स्थानों पर स्टॉक को नियंत्रित रखने के लिए खरीद की सीमा लागू की गयी है।

यानी एक ही प्लेटफॉर्म पर भी अलग-अलग इलाकों में चीनी खरीदने की लिमिट अलग हो सकती है।

DMart और Reliance में भी सीमित हुई खरीद

रिटेल मार्केट में भी इसी तरह के कदम देखने को मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ DMart और Reliance Retail स्टोर्स में एक ग्राहक को करीब 2 से 3 किलो तक चीनी खरीदने की सीमा रखी गयी है। इसका मकसद सीमित स्टॉक को नियंत्रित करना और ग्राहकों द्वारा बड़ी मात्रा में एक साथ खरीदारी करने से पैदा होने वाली कमी को रोकना बताया जा रहा है।

त्योहारों से पहले क्यों बढ़ी चीनी की मांग?

चीनी की कीमतों पर उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक का भी असर पड़ रहा है। ISMA के अनुमान के मुताबिक, 2025-26 मार्केटिंग ईयर में एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के डायवर्जन के बाद नेट चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रह सकता है।

सीजन की शुरुआत में लगभग 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक था, जबकि देश में सालाना घरेलू खपत करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है। सितंबर के अंत तक क्लोजिंग स्टॉक करीब 35 लाख टन रहने का अनुमान है। इसी बीच त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की खपत बढ़ने से मांग पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

क्या आगे और महंगी हो सकती है चीनी?

फिलहाल चीनी की कीमतों पर उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक, सप्लाई और त्योहारी मांग का असर सबसे अहम रहेगा। बाजार में फिलहाल पूरी तरह स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं बतायी जा रही है, लेकिन कीमतों में तेजी ने रिटेलर्स को सतर्क कर दिया है। ऐसे में ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें। साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर करने से पहले अपने इलाके में लागू खरीद सीमा और पैक की उपलब्धता जरूर जांच लें।

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