सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से मिलेगी राहत, GAIL ने नए कनेक्शन के लिए तीन भुगतान विकल्प दिए

रांची: राजधानी में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा तेजी से विस्तार ले रही है। अब तक करीब 30 हजार घरों को गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। इन घरों में पाइप के जरिए सीधे रसोई तक गैस पहुंच रही है। इससे उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर बुक कराने और उसकी डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत कम हो गयी है।
शहर में PNG नेटवर्क के विस्तार के तहत कुल 1.50 लाख घरों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 30 हजार कनेक्शन चालू हो चुके हैं, जबकि बाकी 1.20 लाख घरों तक गैस पहुंचाने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
24 घंटे पाइपलाइन से मिलेगी गैस
PNG कनेक्शन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ताओं को सिलेंडर की तरह गैस खत्म होने के बाद रीफिल का इंतजार नहीं करना पड़ता। पाइपलाइन के जरिए गैस सीधे घर तक पहुंचती है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में पारंपरिक LPG सिलेंडर पर निर्भरता कम करना और घरों तक सुविधाजनक, सुरक्षित और लगातार गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
PNG कनेक्शन के लिए तीन भुगतान विकल्प
नए कनेक्शन को लेकर उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग भुगतान योजनाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। इससे लोग अपनी सुविधा और बजट के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं।
पहला विकल्प:
उपभोक्ता 6,000 रुपये का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट एकमुश्त जमा कर PNG कनेक्शन ले सकते हैं।
दूसरा विकल्प:
कनेक्शन के समय 1,000 रुपये जमा करने होंगे। बाकी 5,000 रुपये को 500 रुपये की 10 मासिक किस्तों में गैस बिल के साथ चुकाने की सुविधा है।
तीसरा विकल्प:
कम शुरुआती भुगतान वाले विकल्प में 500 रुपये देकर कनेक्शन लिया जा सकता है। इसके बाद शेष 5,500 रुपये को 250 रुपये की 22 मासिक किस्तों में बिल के साथ जमा किया जा सकेगा।
अब 1.20 लाख घरों तक पहुंचने की तैयारी
PNG परियोजना का अगला बड़ा लक्ष्य रांची के 1.20 लाख और घरों को नेटवर्क से जोड़ना है। पाइपलाइन का विस्तार जैसे-जैसे नए इलाकों और मोहल्लों तक होगा, वहां चरणबद्ध तरीके से उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया जाएगा। यानी आने वाले समय में रांची के ज्यादा से ज्यादा परिवारों को सिलेंडर आधारित गैस व्यवस्था से हटाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक गैस की सुविधा देने की तैयारी है।

