AC से बाहर आते ही सांस फूलती है और धड़कन बढ़ती है? डॉक्टरों ने बताई गंभीर वजह

0
41
Share This Post

गर्मी में लंबे समय तक AC में रहने के बाद अचानक तेज धूप में निकलना शरीर पर असर डाल सकता है। इससे कुछ लोगों को सांस फूलना, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, तापमान में अचानक बदलाव शरीर और हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ जाता है। ज्यादातर लोग घरों और ऑफिस में घंटों तक एसी की ठंडी हवा में ही समय बिताना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार कुछ जरूरी काम के चलते लोगों को दिन की तेज धूप में बाहर निकलना पड़ता है। ऐसे में अचानक तापमान में हुए बदलाव की वजह से शरीर को इंटरनल बॉडी का टम्परेचर एडजेस्ट (थर्मोरेगुलेशन) करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में लोगों की हृदय गति बढ़ सकती है, रक्त वाहिकाओं में बदलाव आ सकता है और ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है। यह समस्या ज्यादार बुजुर्गों, हाई बीपी के मरीज, हार्ट रोगियों और डायबिटीज के रोगियों में देखने को मिलती है। हालांकि, हेल्दी लोगों में यह बदलाव अस्थायी होता है, लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए यह गंभीर जोखिम का कारण बन सकता है। आगे डॉक्टर से जानते हैं कि तापमान में अचानक बदलाव का दिल और ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है, किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और खुद को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है।

AC से बाहर निकलते ही दिल पर क्या पड़ता है असर?

जब कोई व्यक्ति 22–24 डिग्री सेल्सियस वाले कमरे से निकलकर 40 डिग्री या उससे अधिक तापमान वाले वातावरण में जाता है, तो शरीर को तुरंत गर्मी से निपटने के लिए प्रतिक्रिया देनी पड़ती है। इस दौरान त्वचा की रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं ताकि शरीर अतिरिक्त गर्मी बाहर निकाल सके। इसके लिए हृदय को अधिक मात्रा में रक्त पंप करना पड़ता है। ऐसे में दिल की धड़कन कुछ समय के लिए तेज हो सकती है।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, गर्म मौसम में हृदय को शरीर को ठंडा रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

तेज गर्मी में हार्ट पर क्यों बढ़ जाता है लोड?

गर्मी में शरीर पसीने के माध्यम से खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है। इसके लिए त्वचा तक अधिक रक्त पहुंचाया जाता है। जब त्वचा की ओर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, तो हृदय को प्रति मिनट अधिक रक्त पंप करना पड़ता है। यही कारण है कि गर्म मौसम में हार्ट रेट बढ़ सकता है। स्टडी के अनुसार अत्यधिक गर्मी में हृदय की कार्यक्षमता पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर उन लोगों में जिनकी हृदय क्षमता पहले से कमजोर हो।

ब्लड प्रेशर अचानक क्यों बढ़ता या घटता है?

तापमान में बदलाव का सीधा असर रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है। ठंडे वातावरण में रक्त वाहिकाएं अपेक्षाकृत सिकुड़ जाती हैं, जबकि गर्मी में वे फैलने लगती हैं। यह बदलाव कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है।
विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों में अचानक तापमान परिवर्तन के कारण चक्कर, कमजोरी या असहजता महसूस हो सकती है।स्टडी में पाया गया कि गर्म वातावरण में रक्त वाहिकाओं के फैलने से ब्लड प्रेशर में बदलाव आ सकता है और शरीर को संतुलन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

  • एनआईएच की स्टडी के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कम हो जाती है।
  • जिन लोगों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक या अन्य हृदय समस्याएं हैं, उनमें तापमान परिवर्तन का प्रभाव अधिक हो सकता है।
  • रक्त वाहिकाओं में होने वाले बदलाव ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे हाई बीपी के रोगियों को परेशानी हो सकती है।
  • सीडीसी के मुताबिक डायबिटीज नसों और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती है, जिससे शरीर की तापमान नियंत्रण क्षमता कमजोर हो सकती है।
  • गर्मी और उमस सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है।

खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

  • यदि संभव हो तो AC वाले कमरे से निकलने से पहले कुछ मिनट सामान्य तापमान वाले क्षेत्र में बिताएं।
  • एनसीबीआई के मुताबिक डिहाइड्रेशन से हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा सकता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
  • विशेषज्ञ आमतौर पर AC का तापमान 24–26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने की सलाह देते हैं।
  • धूप में निकलते समय टोपी, छाता और हल्के रंग के कपड़ों का उपयोग करें।
  • यदि गर्मी में बार-बार सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

AC से निकलकर अचानक तेज गर्मी में जाना स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं बनता, लेकिन इससे शरीर और हृदय को तापमान के अनुसार खुद को ढालने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में दिल की धड़कन बढ़ सकती है, ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है और कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here