श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छ वातावरण के लिए प्रशासन की नई व्यवस्था। अधिकारियों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की और व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

रांची: श्रावणी मेले को लेकर राजधानी रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार मंदिर परिसर को पूरी तरह प्लास्टिक और थर्मोकोल मुक्त रखने का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूजा के लिए प्लास्टिक या थर्मोकोल से बनी सामग्री लेकर मंदिर न आएं। रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने पहाड़ी मंदिर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए।
प्रशासन ने दुकानदारों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल से बनी पूजा सामग्री की बिक्री नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं को पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों, बैरिकेडिंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, शौचालय, पार्किंग और सुरक्षा प्रबंधों का भी जायजा लिया। भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिर समिति और जिला प्रशासन का कहना है कि इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक मुक्त अभियान को सख्ती से लागू किया जाएगा। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए पर्यावरण हितैषी पूजा सामग्री का ही उपयोग करें और श्रावणी मेले को स्वच्छ एवं सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

