
रांची के मेन रोड पर सजेगा भव्य काल्पनिक मंदिर का पंडाल, विशाल क्लब मना रहा स्वर्ण जयंती वर्ष
1977 से लगातार हो रही दुर्गा पूजा ने पूरे किए 50 साल, करीब 10 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा आयोजन; महाआरती, महाप्रसाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे

रांची। मेन रोड स्थित विशाल क्लब दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपनी दुर्गा पूजा का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है। 1977 में शुरू हुई पूजा अब 50वें वर्ष में पहुंच गई है। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए समिति की ओर से काल्पनिक मंदिर की थीम पर भव्य पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है।
पूरे आयोजन पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें पंडाल निर्माण, विद्युत सजावट, मां दुर्गा की प्रतिमा, पूजा-पाठ और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। मेन रोड के आसपास भी थीम के अनुरूप आकर्षक लाइटिंग की जाएगी, जिससे पूजा के दौरान पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगाता नजर आएगा।
संस्थापकों को किया जा रहा याद
विशाल क्लब की दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 1977 में संस्थापकों स्व. चमरा राम, देवी निषाद, लक्ष्मी विश्वकर्मा, किशोरी निषाद, अरुण विश्वकर्मा, लाला विश्वकर्मा, कृष्ण देव ठाकुर, जितेंद्र प्रसाद और जगन्नाथ सिंह के प्रयासों से हुई थी।
स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर समिति इन सभी संस्थापकों के योगदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है। समिति का कहना है कि इन्हीं लोगों की पहल और दूरदर्शिता से शुरू हुई पूजा आज पांच दशक पूरे कर चुकी है।
15 अक्टूबर से शुरू होंगे मुख्य आयोजन
समिति के अनुसार 15 अक्टूबर को पंचमी तिथि से पूजा के मुख्य कार्यक्रम शुरू होंगे। इसी दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का अनावरण, पूजा पंडाल का उद्घाटन और विधिवत पूजा की शुरुआत की जाएगी।
पूरे उत्सव के दौरान महाआरती, महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए पूजा को खास बनाने के साथ समिति की ओर से आकर्षक विद्युत सज्जा भी की जाएगी।
वहीं, 21 अक्टूबर को मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी।
समिति के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा और संरक्षक मौसम निषाद ने बताया कि 1977 में शुरू हुई पूजा की यह यात्रा अब अपने 50वें वर्ष में पहुंची है। स्वर्ण जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए इस बार विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
पूजा समिति के पदाधिकारी
- अध्यक्ष: सुनील विश्वकर्मा
- उपाध्यक्ष: सुरेश निषाद
- कोषाध्यक्ष: कुणाल सिंह, आदित्य विश्वकर्मा
- सचिव: शेखर प्रसाद
- उपसचिव: अमर निषाद, आकाश निषाद, विशाल निषाद, प्रियांशु विश्वकर्मा
- संरक्षक: मौसम निषाद, शंकर प्रसाद, मुनीश सोनी




