
रांची रेलवे स्टेशन पर बनेगा अनोखा दुर्गा पूजा पंडाल, 20 फीट के वामन अवतार पर टिकी होंगी नजरें
महाबली बलि की कहानी को मिलेगा भव्य रूप, पाताल लोक, ओणम की झांकी और केरल शैली की मां दुर्गा रहेंगी खास आकर्षण

रांची: दुर्गा पूजा 2026 को लेकर राजधानी रांची में तैयारियां तेज हो गई हैं। रांची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति इस बार श्रद्धालुओं के लिए कुछ अलग और भव्य तैयार करने में जुटी है। इस वर्ष पंडाल की थीम महाबली बलि और भगवान विष्णु के वामन अवतार पर आधारित होगी।
पंडाल में उस पौराणिक प्रसंग को दिखाया जाएगा, जिसमें भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग जमीन मांगी थी। राजा बलि ने अपना वचन पूरा किया और इसके बाद उन्हें भगवान का आशीर्वाद मिला। इसी कथा से जुड़े ओणम पर्व की झलक भी पंडाल की सजावट में देखने को मिलेगी।
20 फीट के वामन अवतार पर रहेगी नजर
पंडाल में भगवान वामन की करीब 20 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार की जा रही है। प्रतिमा को इस तरह बनाया जाएगा कि श्रद्धालुओं को ऐसा दृश्य दिखाई दे, जैसे भगवान वामन आसमान से अपना पैर राजा बलि के सिर पर रख रहे हों।
वहीं, राजा बलि की करीब 8 फीट ऊंची प्रतिमा भी बनाई जाएगी। दोनों प्रतिमाओं के जरिए वामन अवतार की पूरी कथा को एक दृश्य के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।
पंडाल के अंदर दिखेगा पाताल लोक
इस बार पंडाल के अंदर पाताल लोक की विशेष झांकी भी तैयार की जाएगी। करीब 10 फीट के इस हिस्से को कुएं के आकार में बनाया जाएगा। शीशे की मदद से ऐसा प्रभाव तैयार किया जाएगा कि वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को भगवान वामन का पैर पाताल लोक तक जाता हुआ नजर आए।
पंडाल के चारों ओर ओणम पर्व से जुड़ी चार लोहे की नावें भी लगाई जाएंगी। प्रत्येक नाव पर 10-10 प्रतिमाएं होंगी, जिनमें ओणम मनाते हुए लोगों को दिखाया जाएगा।
छतरी जैसा होगा मुख्य गेट
पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार भी वामन अवतार की कहानी से जुड़ा होगा। इसे वामन भगवान की छतरी के आकार में तैयार किया जाएगा। पूरा पंडाल करीब 50 फीट ऊंचा होगा।
पंडाल के बाहरी हिस्से में भगवान विष्णु के दशावतार को लोहे की आकृतियों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं अंदर मां दुर्गा की करीब 20 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी।
केरल शैली में सजेगी मां दुर्गा की प्रतिमा
मां दुर्गा की प्रतिमा को केरल की पारंपरिक शैली में सजाया जाएगा। वहीं पंडाल के अंदरूनी हिस्से को केरल के प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर की तर्ज पर सजाने की तैयारी है। इससे पंडाल में दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला की झलक देखने को मिलेगी।
इसके अलावा पंडाल में करीब 10 फीट ऊंचे हाथी की आकृति भी तैयार की जाएगी। हाथी की सूंड को विशेष तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा, जो पंडाल की सजावट का एक और आकर्षण रहेगा।
50 लाख रुपये आएगा खर्च
पूजा समिति के अध्यक्ष मुनचुन राय ने बताया कि पंडाल के निर्माण में करीब 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि रांची रेलवे स्टेशन परिसर में दुर्गा पूजा का आयोजन 1947 से होता आ रहा है।
इस बार तैयार किया जा रहा पंडाल श्रद्धालुओं को वामन अवतार, राजा बलि और ओणम की कथा से रूबरू कराएगा। पंडाल 21 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा, जबकि 22 अक्टूबर को विसर्जन किया जाएगा।




