Ranchi Dengue Alert: डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, क्या सरकारी अस्पताल मरीजों के बढ़ते दबाव के लिए तैयार?

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रांची में 166 घरों की जांच में 29 जगह मिला डेंगू लार्वा, RIMS में रोजाना दो हजार से ज्यादा मरीज पहुंच रहे OPD

रांची। मानसून के साथ राजधानी रांची में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। डेंगू और मलेरिया के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस और रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। वहीं, राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल RIMS में पहले से ही मरीजों की भारी भीड़ पहुंच रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर डेंगू-मलेरिया के मरीज बढ़ते हैं, तो सरकारी अस्पताल उन पर बढ़ने वाले अतिरिक्त दबाव को संभालने के लिए कितने तैयार हैं।

झारखंड में मलेरिया के 16 हजार से ज्यादा मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच झारखंड में मलेरिया के 16,728 मामले सामने आए हैं। वहीं, जून महीने में राज्य में डेंगू के 77 मरीज मिले, जिनमें अकेले रांची के 27 मामले शामिल थे। मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने टास्क फोर्स की बैठक कर निगरानी और रोकथाम की गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।

रांची के 29 घरों में मिला डेंगू का लार्वा

राजधानी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल में सात वार्डों में घर-घर जाकर डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया। इस दौरान 166 घरों की जांच की गई, जिनमें 29 घरों में डेंगू का लार्वा मिला। टीम ने घरों में कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायर और ऐसे अन्य स्थानों की जांच की, जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपने घर और आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील कर रहा है। साथ ही सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाकर जमा पानी को हटाने की सलाह दी जा रही है।

RIMS में रोजाना हजारों मरीजों का दबाव

डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे के बीच RIMS की OPD व्यवस्था पर पहले से ही भारी दबाव है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 3 अगस्त को 2,646, 4 अगस्त को 2,501 और 5 अगस्त को 2,264 मरीज OPD में पहुंचे।

वहीं, 11 अगस्त को 2,270 मरीज OPD, 260 मरीज IPD में भर्ती और 274 मरीज इमरजेंसी में दर्ज किए गए। जुलाई में भी मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। 20 जुलाई को 3,077, 21 जुलाई को 2,543, 27 जुलाई को 2,634 और 28 जुलाई को 2,237 मरीज OPD में पहुंचे। यानी मानसून में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने से पहले ही RIMS की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर मरीजों का बड़ा भार है।

जांच और विशेषज्ञ सेवाओं की सुविधा

RIMS में मानसून से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी कई विभाग और जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल के OPD कॉम्प्लेक्स में मेडिसिन, शिशु रोग, त्वचा रोग, ENT, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स समेत कई विभाग संचालित हैं। इसके अलावा अस्पताल में TB एवं Chest Unit, ECG और वैक्सीनेशन सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने क्या तैयारी की?

डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में निगरानी, रोकथाम और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जनों को भी मच्छरजनित बीमारियों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

सरकार की ओर से 108 एंबुलेंस सेवा और अस्पतालों को भी मानसून से जुड़ी बीमारियों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का फोकस बीमारी के इलाज के साथ-साथ लार्वा की पहचान, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने और लोगों को जागरूक करने पर है। लेकिन RIMS में पहले से मौजूद मरीजों के भारी दबाव को देखते हुए आने वाले दिनों में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की असली परीक्षा होने वाली है।

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